राजनैतिक पार्टियों को कल्चुरी कलार की उपेक्षा भारी पड़ेगी

जबलपुर दर्पण। विगत दिवस भोपाल में कल्चुरी कलार समाज की एक प्रभावशाली बैठक आयोजित हुई जिसमे उपस्थित जनों ने अपनी राजनैतिक उपेक्षा पर भारी रोष जाहिर करते हुए मध्यप्रदेश में प्रमुख राजनैतिक पार्टियों द्वारा विधानसभा चुनाव में समाजजनों को प्रत्याशी ना बनाए जाने पर अगली बैठक में एक रणनीति बनाकर कर इन राजनैतिको को सबक सिखाने की बात पर बल दिया है उपस्थित जनों ने कहा कि कई वर्षो से देखा यह गया है कि कल्चुरी कलार समाज के व्यक्तियों की चुनाव में टिकट देने में अनदेखी की जाती है जिसके परिणाम स्वरूप समाज के व्यक्ति निर्दलीय चुनाव लड़ कर विजय प्राप्त कर लेते हैं उसके बाद यही पार्टियां उन्हे अपने पाले में लेने के लिए एडी चोटी का जोर लगाती है आज चाहे दिनेश राय मुनमुन को लेलो या स्वदेश राय या प्रदीप जायसवाल या संदीप जायसवाल सभी कल्चुरी समाज के व्यक्ति अपने राजनैतिक कौशल एवम प्रबंधन तथा लोकप्रियता की दम पर निर्दलीय चुनाव जीते हैं पर जब जीते तो सभी पार्टियां इन्हे अपनी ओर मिलाने उठापटक करती रहीं। एक ओर जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपने आपको आधा किरार आधा कलार कहते हैं पर कलार समाज की उन्नति प्रगति या उत्थान के लिए कुछ भी करते नही हैं ।हमारी बहुप्रतीक्षित मांग कल्चुरी बोर्ड के गठन की एवम महेश्वर को तीर्थ क्षेत्र घोषित कर वहां हमारे आराध्य की 51 फुट ऊंची प्रतिमा लगाने की मांग को हमेशा अनदेखा किया है और हमारे समाज के उनकी पार्टी में चार विधायक होने के बाबजूद एक को भी मंत्री नही बनाया और दूसरी तरफ कांग्रेस के मुखिया कमलनाथ जिनके छिंदवाड़ा क्षेत्र में कल्चुरी कलार समाज गांव गांव में निवास करता है पर कभी भी कल्चुरी कलार समाज के लोगो को विधानसभा चुनाव में टिकिट देने में अपना इंट्रेस्ट नहीं दिखाते जबकि हमेशा कलार समाज की दम पर चुनाव जीतते रहे हैं और तो और कलार समाज के लोगो की संगठन में तो लेते पर उनकी उस संगठन में कोई तज्जबो नहीं रहती उनका राजनैतिक उपयोग भर करना जानते हैं इन्हीं सभी बातों की चर्चा के साथ उपस्थित समाजजनों ने भारी गुस्सा एवम रोष व्यक्त हुए निकट भविष्य में कल्चुरी समाज के सभी संगठनो के साथ बैठकर अपनी आगामी रणनीति तय कर कल्चुरी कलार समाज की अनदेखी करने बाली राजनैतिक पार्टियों को सबक सिखाने का मन बना लिया है जो भविष्य में इन पार्टियों को भरी पड़ेगा।



