बैशाख पूर्णिमा पर लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

जबलपुर दर्पण। बुद्ध पूर्णिमा पर आज सर्वत्र आयोजन हो रहे हैं, सुबह से ग्वारीघाट सहित सभी नर्मदा तटों पर स्नानार्थियों की भारी भीड़ रही, वहीं रात में भेड़ाघाट ग्वारीघाट में अनेक आयोजन हैं। सुबह नर्मदा पंचकोषी परिक्रमा भी निकली। संगमरमरीय वादियों में नौकायन के लिए दूर-दूर से जबलपुर आये पर्यटक पहुंचेंगे, तो वहीं ओशो के शिष्य ध्यान-योग, संगीत-कीर्तन की साधना में उतरेंगे, रजनीश ने अपने प्रवचनों में बुद्ध पुर्णिमा में भेड़ाघाट के संगमरमरीय सौंदर्य के बीच ध्यान- कीर्तन-सत्संग को अनूठा बताया है। यही कारण है कि ओशो सन्यासियों का ये सपना होता है कि बुद्ध पूर्णिमा की रात वे भेड़ाघाट में बितायें,
आधी रात तक आयोजन स्वामी अलमस्त ने बताया कि पंचवटी भेड़ाघाट में आज सायं 7 से अर्धरात्रि तक सवामी आनंद विपुल के संयोजकत्व में स्वामी ध्यान भारती द्वारा बुद्ध ध्यान का अनूठा प्रयोग कराया जायेगा, बुद्ध देशना के तहत दुख-समुदय, निरोध-मार्ग के आष्टांगिक प्रयोग होंगे। वहीं गीत- संगीत और कीर्तन की महफिल भी सजेगी, लगातार आ रहे लोग के पूर्व नपं. अध्यक्ष अनिल तिवारी ने बताया कि भेड़ाघाट 2005 में उन्होंने भेड़ाघाट में हर पूर्णिमा पर नौकायन संचालित कराया था। उसके बाद नौकायन बंद था। बाद में कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने बुद्ध पूर्णिमा पर नौकायन की सशर्त अनुमति दी थी। श्री तिवारी सहित स्वामी अलमस्त और ध्यान भारती द्वारा अधिकाधिक संख्या में ध्यान प्रेमियों से बुद्ध पूर्णिमा पर भेड़ाघाट पहुंचने की अपील की है।
सुबह निकली यात्रा हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट से प्रति माह की पूर्णिमा को निकाली जाने वाली नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा वैशाख पूर्णिमा को आज 430 वी परिक्रमा संचालक भगवान श्री हनुमान जी महाराज की सुक्ष्म उपस्थिति में एवं पूज्य संत महात्माओं के सानिध्य में वृहद रूप में निकाली गयी, इस अवसर पर आश्रम के संस्थापक स्वामी रामचंद्र दास महाराज ने बद्रीनाथ धाम से पूजित गोमती चक्र प्रसाद स्वरुप सभी को वितरित किए गए, कार्तिक पूर्णिमा के पहले तैयार हो पुल
पंचकोशी करने वाले नर्मदा भक्तों से हस्ताक्षर अभियान कर पुल निर्माण में सहायक विभागों में ज्ञापन दिया जाएगा। पंचकोशी आश्रम से पंचवटी 64 योगिनी धुआंधार कल्याण तपोवन होते हुए लमेटा घाट से नाव द्वारा पारकर इमलिया न्यू भेड़ाघाट होते हुए सरस्वती घाट में नाव से पार कर हरे कृष्णा आश्रम में विशाल भंडारे के साथ समापन, इस अवसर पर नर्मदा महाआरती के संस्थापक डॉ. सुधीर अग्रवाल योगाचार्य डा शिव शंकर पटेल, मनमोहन दुबे, श्याम मनोहर पटेल, दुर्गा पटेल, मनोज, गुलाब बनी, सुरेश विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।



