ओमती थाने का आरक्षक ₹5,000 रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त द्वारा रंगे हाथों गिरफ्तार

थाना ओमती में पदस्थ आरक्षक नीतेश शुक्ला को आज लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई अंधेरदेव निवासी शिवम चौरसिया की शिकायत पर की गई, जिसमें आरोपी आरक्षक पर ₹25,000 की अवैध मांग और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।आवेदक शिवम चौरसिया ने बताया कि उसका अपने मित्र के साथ कंगन गिरवी रखने और बदले में पैसा न मिलने को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत दर्ज कराने वह थाना ओमती पहुंचा। वहां ड्यूटी पर मौजूद आरक्षक नीतेश शुक्ला ने उसे बाहर से ही लौटा दिया। अगले दिन दोबारा जाने पर आरक्षक ने उसे सब इंस्पेक्टर शिव गोपाल गुप्ता से मिलवाया। दोनों अधिकारियों ने कथित रूप से धमकी दी कि अगर ₹25,000 नहीं दिए गए तो तुम्हारे खिलाफ नकली कंगन बेचने का मामला दर्ज कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ता की मोटरसाइकिल भी पुलिस ने जब्त कर ली, जिसे छोड़ने के एवज में ₹5,000 की रिश्वत मांगी गई। परेशान होकर शिवम चौरसिया ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी तस्दीक के बाद आज 2 जून को ट्रैप की योजना बनाई गई।जैसे ही आरक्षक नीतेश शुक्ला ने ₹5,000 की रिश्वत ली, लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B), 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।इस सफल कार्रवाई को उप पुलिस अधीक्षक सुरेखा परमार, निरीक्षक शशि मर्सकोले, निरीक्षक कमल सिंह उइके तथा लोकायुक्त जबलपुर की विशेष टीम ने अंजाम दिया।



