बरही स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के नाम पर लापरवाही महिला के पेट में छूट गई इंजेक्शन की सुई

बरही तहसील के करेला गांव की एक महिला के इलाज में हुई गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिला कंचन दुबे के परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही में पदस्थ बीएमओ डॉ. राममणि पटेल पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, कंचन दुबे को सामान्य स्वास्थ्य समस्या के चलते बरही स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहाँ उपचार के दौरान उन्हें बॉटल और कई इंजेक्शन लगाए गए। इसी दौरान एक इंजेक्शन की सुई — जिसकी लंबाई लगभग चार इंच थी — इलाज के दौरान महिला के पेट में ही रह गई। जब परिजनों ने डॉक्टर से इस संबंध में पूछा, तो डॉक्टर ने इसे नजरअंदाज करते हुए कहा कि सुई कहीं गिर गई होगी। स्थिति बिगड़ने पर महिला को घर ले जाया गया, लेकिन तबीयत में सुधार न होने पर अगले दिन उसे कटनी लाया गया। यहां श्री हॉस्पिटल में कराए गए एक्स-रे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सुई महिला की आंतों में फंसी हुई है। तत्पश्चात वरिष्ठ सर्जन डॉ. दीपक सक्सेना द्वारा तत्काल ऑपरेशन कर सुई को निकाला गया। महिला के पति ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह स्वास्थ्य केंद्र नहीं, लापरवाही का अड्डा बन चुका है। यदि समय पर जांच न कराते, तो मेरी पत्नी की जान भी जा सकती थी।” यह मामला स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करता है। परिजनों ने जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी चिकित्सक पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।



