वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है टाइगर रिजर्व प्रबंधन,कोर क्षेत्र में ग्रामीणों के आने से वन्यजीवों को बना रहता है भारी खतरा

सीधी, जबलपुर दर्पण न्यूज। जिले की पहचान बना संजय टाइगर रिजर्व में आजकल मैदानी अमले की मनमानी से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। विशेष संरक्षित वन क्षेत्र जहां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत किसी व्यक्ति का प्रवेश भी वर्जित होता है। वहां कोर क्षेत्र में बाहर से आए हुए लोग महुआ बिनते हैं। यही नहीं कभी महुआ बिनने तो कभी पत्ती तोड़ने वाले लोग कोर क्षेत्र के गांवो के अलावा आसपास के 10 किलोमीटर दूर के ग्रामों से भी कैंप डालकर जमे रहते हैं । जंगल में आग लगाकर पेड़ों के नीचे सफाई करते हैं। यही आग फैलकर हजारों हेक्टेयर जंगल जला देती है। आग में काबू पाने का प्रयास ना बीट गार्ड करते हैं ना चौकीदार या फायर वाचर। प्राय: बीट गार्ड वन क्षेत्र की चौकियो से गायब रहते हैं और बिना विभागीय अनुमति के शादी ब्याह के निमंत्रण में चले जाते हैं। साथ ही पेंड्रा ताल से बघनाद तक और बहेरवार में लोहराधार जो बाघों का सर्वोत्तम रहवास है। वन्यजीवो से भरा हुआ दुबरी रेंज का चारागाह वन क्षेत्र जानवरों की संख्या के अनुपात में अत्यधिक कम हो गया। चीतल कमजोर और बीमार दिखने लगे।
पानी की कमी से वन्यजीवों का बना भटकाव -गर्मी में पानी की समस्या से वन्य जीवों को अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। छोटे-मोटे नदी नाले सूख जाते हैं। कुछ मुख्य नदी नालों का पानी बचता है। वहां भी ग्रामों के मवेशी प्रवेश कर जाते हैं। विभाग द्वारा कुछ कृत्रिम जल स्रोत बनाए गए थे। जिस ओर वर्तमान वन प्रबंधन का ध्यान नहीं है। सोसर बनाए गए जिनको टैंकर से पानी भरा जाता था पर वर्तमान में कभी कभार इस इन स्थानों में पानी डाला जाता है इसलिए ज्यादा समय तक सूखे पड़े रहते हैं। कुछ क्षेत्रों में सोलर पैनल लगाकर जलस्रोत बनाएं गए थे। जो 80 प्रतिशत बिगड़े हुए पड़े हैं। किसी को बंदरों ने तोड़ा किसी को हाथियों ने कोई रख रखाव की कमी से खराब हो गया पर विभाग एक बार लगाकर सोलर पैनल को भगवान भरोसे छोड़ दिया। कोर क्षेत्र में वनोपज का दोहन और अवैध प्रवेश वर्जित होता है परंतु पूरे संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में परिधि के ग्रामों से आए हुए लगभग दस हजार लोग कोर क्षेत्र के दूरस्थ जंगल तक प्रवेश कर तेंदूपत्ता तोड़ते हैं। जिन्हें किसी प्रकार से रोकने का प्रयास वन प्रशासन नहीं करता है।
छोटे वन्यजीवों के सुरक्षा को लेकर लापरवाही -संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र में सैकड़ों प्रजाति के छोटे वन्यजीव बहुतायत में हैं। छोटे वन्यजीव अधिकांशत: टाइगर रिजर्व क्षेत्र से निकलकर आबादी क्षेत्र के आसपास भी रात में विचरण करने के लिए निकल जाते हैं। इनसे समीपी आबादी क्षेत्र को भी कोई खतरा न होने से लोग परवाह नहीं करते। यह दीगर बात है कि छोटे वन्यजीवों का अवैध शिकार आबादी क्षेत्र के आसपास कई बार हो जाता है। छोटे वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर यहां तैनात वन अमला भी ज्यादा गंभीर नहीं रहता। इसी वजह से इसको लेकर लापरवाही हमेंशा से बनी रही। बीट गार्डों को जिनको अपने क्षेत्र में वन्य जीवों पर नजर रखनी चाहिए साथ में वहां के वन क्षेत्र भी सुरक्षित रहें इस पर पैनी नजर रखी जानी चाहिए। टाईगर रिजर्व क्षेत्र में इस बात को लेकर कभी भी गंभीरता नहीं रही और यह लापरवाही कई बार भारी पड़ जाती है।



