लाखों का भ्रष्टाचार करनी वाली मधुकला को फिर अधीक्षक का प्रभार , आदिवासी विभाग में नहीं थम रहा मनमानी ट्रांसफर

सीधी जबलपुर दर्पण । आदिवासी विकास विभाग सीधी अपने मनमानी कार्यों को लेकर हमेंशा सुर्खियों में बना रहता है। वर्तमान में मनमानी ट्रांसफर को लेकर यह सुर्खियां बनी हुई हैं। मिली जानकारी के अनुसार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुरघुटी से शिक्षक अरुण कुमार सिंह का स्थानांतरण आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सीधी में आदेश क्रमांक 792, दिनांक 9 जून 2025 के द्वारा किया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि बिना शासन के निर्देश के उक्त संस्था में स्थानांतरण करना नियम विरुद्ध है। इसी तरह आदिवासी बालक छात्रावास बकवा से प्राथमिक शिक्षक पंकज सिंह का स्थानांतरण अधीक्षक अनुसूचित जन जाति सीनियर बालक छात्रावास क्रमांक 1 सीधी के लिए किया गया। यह स्थानांतरण राकेश रावत को हटाकर किया गया है। वहीं संकुल केंद्र उमरिया के माध्यमिक शाला से माध्यमिक शिक्षक संदीप कुमार सिंह चौहान का स्थानांतरण आदिवासी जूनियर बालक छात्रावास अमरपुर के अधीक्षक पद पर किया गया है। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि स्थानांतरित शिक्षक परिवीक्षा अवधि में हैं। इसी तरह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिनगवाह की माध्यमिक शिक्षक मधुकला पटेल का स्थानांतरण आदिवासी बालक आश्रम कोचिला के लिए किया गया है। बताया गया है कि अभी एक वर्ष पहले कोचिला अधीक्षिका से हटाकर उन्हें चिनगवाह स्थानांतरित किया गया था। कोचिला में अधीक्षिका के पद पर रहते हुए लगभग 8 से 10 लाख के गबन के आरोप में उन्हें हाटाया गया। श्रीमती पटेल को उच्च न्यायालय जबलपुर से भी फटकार मिली थी कि आप शिक्षकीय कार्य करें। फिर भी आदिवासी विकास विभाग सीधी में न्यायालय के आदेश के बावजूद फिर से इन्हें उसी जगह पर अधीक्षिका बनाया गया।
इनका कहना है।
अभी मुझे प्रभार लिए 10 दिन ही हुए हैं। इस वजह से शिक्षकों के उक्त स्थानांतरण के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है।
दीपक निगम, प्रभारी सहायक आयुक्त
आदिवासी विकास विभाग सीधी।



