एक ही कंपनी द्वारा बनाई गई तीन सड़कों की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जनपद मुख्यालय के पास ग्रामों में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हाल ही में बनाई गई नवनिर्मित डामरीकृत सड़कों के निर्माण के तुरंत बाद ही गुणवत्ता की पोल खोल रही है। बताया गया कि इन दिनों सड़कों के इर्द गिर्द बसे ग्रामों के लोग सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल भी उठा रहे है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की अनदेखी से निर्माण एजेंसी मनमानी पूर्वक अपने काम को अंजाम दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ आवागमन के उद्देश्य से पी आई यू परियोजना अंतर्गत मुख्यालय के नजदीकी ग्रामों में तीन डामरीकृत सड़कों का निर्माण कंपनी राधेकृष्णा कंस्ट्रक्शन ग्वालियर के द्वारा किया गया है। करोड़ों की लागत से तैयार इन तीनों ही मार्गों के बनने के बाद से ही अनियमितताएं सामने आने लगी है। सारंगपुर से तुर्री टोला लंबाई लगभग साढ़े तीन किमी, अंगई से झोरटोला लगभग ढाई किमी,की सड़क के निर्माण के पर यहां के ग्रामीण घटिया निर्माण के आरोप लगा चुके है सारंगपुर की सड़क बनने के कुछ दिन बाद ही डामर उखड़ने का मामला सामने आने के बाद इसकी जांच के लिए क्वालिटी मॉनिटरिंग टीम मौके पर पहुंची थी और जांच दल ने गुणवत्ता परख के लिए यहां की सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई। गौरतलब है कि सामग्री के नमूने एकत्रित किए थे, लेकिन की गई जांच का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। वही अंगई ग्राम से झोरटोला तक बनाई गई सड़क में भी डामर उखड़ने का मामला सामने आने के बाद भी आज तक इसकी जांच नहीं हो सकी।
इसी तरह विक्रमपुर से बैगा बाहुल्य बस्ती भदराटोला तक बनाई जा रही सड़क के निर्माण में भी एजेंसी द्वारा गुणवत्ता से समझौता कर मार्ग तैयार करने का मामला प्रकाश में आया है। यहां के ग्रामीणों ने बताया है कि यहां इसी सप्ताह डामरीकरण का कार्य किया गया है डामर बिछाने के बाद से ही सड़क का डामर दो पहिया चार पहिया वाहनों की आवाजाही से उखड़ रहा है ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण गुणवत्ता को ताक पर रख कर किया गया है कुछ लोगों ने गुणवत्ता की पोल खोलते हुए कहा कि सड़क कि मजबूती का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि नवनिर्मित सड़क पर मवेशियों के चलने तक से डामर उखड़ रहा है, ग्रामीणों का आरोप है कि डामर की पतली परत बिछाकर कंपनी ने सड़क की मजबूती से समझौता किया है। बताया गया कि पूर्व में भी इसी मार्ग और पुल पुलियों के निर्माण में अनियमितता पर ग्रामीणों के विरोध किए जाने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने जांच होने तक काम रुकवा दिया था। सड़क के निर्माण के दौरान विक्रमपुर से भदराटोला मार्ग पर बैगा बस्ती के नजदीक जलाशय के पास पुल का निर्माण किया जा रहा है जिसमें मिट्टी युक्त काली रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है, कांक्रीट की ढलाई के समय ब्रायवेटर नहीं चलाया जा रहा है। निर्माण स्थल पर मात्र दिखावे के लिए बंद ब्रायवेटर मशीन को रखा गया है, पुल के निर्माण में कम मात्रा के साथ काफी अंतराल में सरिया लगाई जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि पानी के निरंतर आवाजाही वाले स्थान पर कमजोर निर्माण से भविष्य में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जिला प्रशासन को इन अनियमितताओं की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। सड़क और पुल निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।



