पैसे लेकर बेची ज़मीन पर दोबारा किया कब्ज़ा, पीड़ित चक्कर काटता रहा दफ्तरों के

कटनी जबलपुर दर्पण । कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि गरीब वर्ग के प्रति तंत्र की संवेदनहीनता को भी उजागर किया है।
जानकारी के अनुसार, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता नामक एक व्यक्ति ने विजयराघवगढ़ बस स्टैंड के पास स्थित एक प्लॉट का टुकड़ा विधिवत खरीदा था। जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी थी और राजेंद्र गुप्ता ने इसकी पूरी राशि विक्रेता को चुका दी थी। इसके बाद उन्हें आवास योजना के तहत सरकारी सहायता राशि के रूप में 1 लाख रुपए भी प्राप्त हुए थे, ताकि वे उस ज़मीन पर अपना घर बना सकें।
लेकिन कुछ वर्षों बाद चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। जिस व्यक्ति ने राजेंद्र गुप्ता को जमीन बेची थी, उसी ने दोबारा उस ज़मीन पर अवैध कब्जा कर लिया। इस अजीबोगरीब स्थिति में राजेंद्र गुप्ता ने कलेक्टर, एसपी, तहसीलदार से लेकर सभी संबंधित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
थक-हारकर गुप्ता ने तहसील न्यायालय का रुख किया, जहाँ से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश भी जारी हुए। लेकिन अफसोस की बात यह रही कि अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते आदेश का पालन नहीं हो सका।
अब यह मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित है, और राजेंद्र गुप्ता न्याय की आस में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानूनी दस्तावेज और वैध रजिस्ट्री होने के बावजूद, अगर कब्जा करने वाला दबंग या प्रभावशाली हो, तो गरीब व्यक्ति को न्याय मिलना बेहद कठिन हो जाता है।
क्षेत्रीय लोग भी इस घटनाक्रम से हैरान हैं और कह रहे हैं कि “कटनी में सब कुछ संभव है, यहाँ जमीन बिकने के बाद भी लौट सकती है—अगर आप कमजोर हैं और सामने वाला रसूखदार।”
अब उम्मीदें एसडीएम कोर्ट से
राजेंद्र गुप्ता अब एसडीएम न्यायालय की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, जहाँ उन्हें उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी जमीन पर हुआ अवैध कब्जा हटाया जाएगा।



