गांवों के बाहर से हुआ था सर्वे, ठेकेदार ने घरों के ऊपर लगा दी हाईटेंशन लाइट
डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में नियम-निर्देशों की अवहेलना करना आमबात है, यहां नियम-निर्देश केवल कागजों तक ही सीमित हैं। यही कारण है कि अब तक हाईटेंशन लाइट व अवैध ढंग से बिना सुरक्षा व्यवस्था के लगे ट्रांसफ़ॉर्मर को अब तक नहीं हटाया जा रहा। ग्रामीणों की मानें तो दर्जनों मवेशियों की मौतें करंट की चपेट में आने से अब तक हो चुकी है, जबकि कई ग्रामीण भी तार की चपेट में आने से घायल हो चुके हैं। मामला जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुड़रूखी के आदिवासी मोहल्ले, वार्ड क्रमांक 08 से सामने आया है। बताया गया कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत आदिवासी इलाके में करोड़ों रुपए खर्च करके लाइटें लगाई गई, जिसमें जमकर भ्रष्टाचार किया गया। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले गांव के आदिवासी मोहल्ले में लाइट लगाने के लिए गांव से बाहर हाईटेंशन लाइट व ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने के लिए सर्वे किया गया था, लेकिन प्रशासनिक सर्वे को धाता बताते हुए ठेकेदार ने मनमानी तरीके से कम लागत लगाकर मकानों के ऊपर से ही हाईटेंशन लाइटों को लगा दिया, जहां से अब जानमाल को खतरा बना हुआ है। बताया गया कि एक ट्रांसफार्मर के पास प्राथमिक शाला होने से स्कूली बच्चे को खतरा है, तो वहीं दूसरे ट्रांसफ़ॉर्मर के पास घनी आबादी है, जहां से मानव जीवन को खतरा बना रहता है। जर्जर खंभा, झूलती हाईटेंशन तारें कभी भी गिरने की सम्भावना है, बिना सुरक्षा व्यवस्था के झूलते तारों के गिरने से कभी भी बड़ी जनहानी हो सकती है। मामले को लेकर कई बार अखबारों के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आया गया, बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द मामले में कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
