नेत्रहीन लड़कियों ने सुधार गृह प्रभारी पर लगाए शारीरिक शोषण के आरोप

जबलपुर दर्पण। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित सेंट्रल जेल के पास संचालित इंदिरा महिला स्वाधार एवं बालिका सुधार गृह में रहने वाली नेत्रहीन एवं अन्य लड़कियों ने संस्थान प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िताओं का कहना है कि प्रभारी उन पर अश्लील हरकतें करता है, गलत तरीके से छूता है और विरोध करने पर उन्हें बाथरूम में बंद कर मारपीट की जाती है।
मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित
लड़कियों ने कलेक्टर को दी गई शिकायत में बताया कि सुधार गृह में उन्हें गुणवत्ता विहीन भोजन दिया जाता है और शासन से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की राशि को हड़प लिया जाता है। जब वे विरोध करती हैं, तो उनके साथ मारपीट की जाती है।
आयोग ने माना गंभीर मामला
इस मामले पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग की क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए सुनवाई की।
आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव कुमार टंडन की एकल पीठ ने प्रथम दृष्टया इसे मानव अधिकार हनन का मामला माना है और जबलपुर के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से जांच रिपोर्ट तलब की है। दोनों अधिकारियों को चार सप्ताह में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर में आक्रोश
इस सनसनीखेज मामले के उजागर होने के बाद शहर में आक्रोश है। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पीड़िताओं को न्याय दिलाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।



