सिहोरा को जिला बनाने की मांग ने पकड़ा ज़ोर, कांग्रेस के नेतृत्व में हज़ारों कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । ढीमरखेड़ा सिहोरा को ज़िला बनाने की दशकों पुरानी मांग अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। सोमवार को हुई भारी बारिश के बावजूद, कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में हज़ारों कार्यकर्ताओं ने नगर में मार्च निकाला और बस स्टैंड पर एक जनसभा का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने सिहोरा को तुरंत ज़िला घोषित करने की पुरज़ोर मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान बताया कि सिहोरा, मझौली, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा, बुढ़ागर और गोसलपुर जैसे क्षेत्रों की जनता लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान है। वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर 22 साल तक झूठे वादे करने और सिहोरा को ज़िला घोषित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस महामंत्री और संयोजक राजेश चौबे तथा ब्लॉक अध्यक्ष बिहारी पटेल ने किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सिहोरा के एसडीएम पुष्पेंद्र अहाखे को सौंपा, जिसमें कलेक्टर और एसपी की तत्काल नियुक्ति के साथ सिहोरा को ज़िला घोषित करने की मांग की गई है।कांग्रेस ने लोगों को याद दिलाया कि 1 अक्टूबर, 2003 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सिहोरा को ज़िला घोषित कर दिया था, लेकिन बाद में भाजपा सरकार ने इस निर्णय को रद्द कर दिया। इस आंदोलन को कांग्रेस ‘जन अधिकारों की लड़ाई’ बता रही है। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य प्रतिनिधि बाबा कुरैशी, के.के. कुररिया, अमोल चौरसिया, किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पवन सोनी, विनोद श्रीवास्तव,ढीमरखेड़ा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष आनंद मिश्रा, प्रभात कुररिया समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


