“पाटन” जलकुंभी निकालने के साथ ही रेत के अवैध उत्खनन को रोकने के अभियान का शुभारंभ करे:कलेक्टर

जबलपुर दर्पण पाटन नप्र। जिले की पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाले हिरन नदी बासन घाट पर जिला कलेक्टर डॉ इलैयाराजा राजा टी के निर्देशानुसार पर पाटन एसडीएम शाहिद खान के मार्गदर्शन में हिरन नदी से जलकुंभी निकालने का अभियान रविवार से प्रारंभ किया गया है। निश्चित ही जिला कलेक्टर डॉ इलैयाराजा राजा टी का हिरन नदी को स्वच्छ बनाने की सहारनीय सोच है। लेकिन जिला कलेक्टर के अधीनस्थ अधिकारियों कर्मचारी जिला कलेक्टर की सोच के अनुरूप कार्य नही करते है।अब हिरन नदी से जल कुंभी निकालने का अभियान पाटन प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। उससे पहले आपको रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन को कैसे रोके यह अभियान चलाया जाना चाहिए था। चाहे वह पुल के पास से रेत उत्खनन का मामला हो या फिर बूढ़ी कोनी,पौड़ी घाट,बासन घाट,थाने मादे के रेत घाट हो 24 घंटे प्रशासन की देखरेख में रेत का अवैध उत्खनन जोर शोर से चल रहा है। इसके लिए रेत माफियाओं ने बासन घाट में ग्राम पंचायत के शासकीय भवन में कब्जा कर रेत जांच नाका बना रखा है। जिला प्रशासन व माइनिंग विभाग की नाक के नीचे से बिना नंबरों के हाईवा डंपर दिन हो या फिर रात बिना डरे खुलेआम रेत का उत्खनन कर परिवहन कर रहे हैं। इसकी सारी जानकारी प्रशासन के बड़े अधिकारियों एवं माइनिंग विभाग को है। लेकिन उनका हिस्सा समय से पहले रेत माफियाओं द्वारा पहुंचा दिया जाता है। जिसके कारण प्रशासन को पाटन,कटंगी,मझोली,सिहोरा में कही भी रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन दिखाई नही देता, या ये कहे कि वे यह देखना ही नही चाहते। जब भी रेत के अवैध उत्खनन को लेकर चाहे वह पाटन एसडीएम हो तहसीलदार हो या फिर पुलिस एसडीओपी हो या फिर थाना प्रभारी हो,ये अधिकारी रेत के अवैध उत्खनन की बात करना ही पसंद नही करते है। खैर अभी जिला कलेक्टर के निर्देश पर जलकुंभी हिरन नदी से निकालना इनकी मजबूरी है। किसानों और हिरन नदी के किनारे निवास करने वाले ग्रामीणों की जिला कलेक्टर से मांग है जल कुंभी तो ठीक है लेकिन अपने अधिकारियों को निर्देश दे की रेत के अवैध उत्खनन को रोकने का अभियान चलाए जिससे हिरन नदी को बचाया जा सके।



