सरपंच संकेत लोनी के झूठे आरोपों के खिलाफ श्रमजीवी पत्रकार संघ की बैठक संपन्न

ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई कटनी की एक महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 10 सितम्बर 2025 को शहर के राजपूत हाउस में आयोजित की गई। यह बैठक न केवल संगठन की मजबूती पर केंद्रित रही बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, उनकी गरिमा की रक्षा और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को बचाए रखने पर भी गहन चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत जिलाध्यक्ष पंडित राकेश तिवारी ने करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों पर बढ़ते हमले और झूठे आरोप चिंता का विषय है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, लेकिन यदि पत्रकारों को ही बदनाम करने की साजिश की जाए तो यह सीधा लोकतंत्र पर प्रहार है।
मुख्य मुद्दा ग्राम पंचायत गूंडा, जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सरपंच संकेत लोनी द्वारा पत्रकारों पर लगाए गए झूठे और निराधार आरोप रहे। सरपंच ने कहा था कि पत्रकार अज्जू सोनी और मुकेश यादव उनसे चार-चार हजार रुपये की मांग कर रहे थे और दबाव बनाकर झूठी खबरें चलाते हैं। संघ के पदाधिकारियों ने इस आरोप को असत्य और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
बैठक में बताया गया कि पत्रकार मुकेश यादव ने ग्राम पंचायत गूंडा की अनियमितताओं को उजागर किया था। इस समाचार के प्रकाशन के बाद सरपंच संकेत लोनी नाराज हो गए और उन्होंने दबाव बनाने की मंशा से मुकेश यादव को गूंडा बुलवाया। वहीं, एक अज्ञात व्यक्ति, जिसने चेहरा ढक रखा था, अचानक मौके पर पहुंचा और डंडे से हमला कर मुकेश यादव को घायल कर दिया। इसके बाद वह फरार हो गया। इस घटना की शिकायत दर्ज कराने जब मुकेश यादव के साथ अन्य पत्रकार साथी ढीमरखेड़ा थाने पहुंचे तो वहीं पर एक और बड़ा मामला सामने आया।
ग्राम गूंडा निवासी पूजा लोनी अपने पिता विजय लोनी के साथ थाने पहुंची और एक लिखित शिकायत दी। आवेदन में उसने आरोप लगाया कि सरपंच संकेत लोनी का पुत्र निलेश लोनी पिछले दो वर्षों से उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता रहा। जब वह गर्भवती हो गई और विवाह की मांग की तो निलेश लोनी ने साफ इनकार कर दिया। इस संबंध में पूजा लोनी पहले भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा चुकी है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पूजा ने आगे यह भी आरोप लगाया कि अब सरपंच संकेत लोनी और उसका पुत्र उस पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं तथा धमकी दे रहे हैं कि यदि समझौता नहीं किया तो जान से मार देंगे।
इस पूरे घटनाक्रम की खबर पत्रकार अज्जू सोनी और अन्य पत्रकारों ने प्रकाशित की थी। समाचार सामने आने से सरपंच संकेत लोनी और उसका परिवार विवादों में घिर गया। इसके बाद सरपंच ने पत्रकारों पर ही झूठे आरोप मढ़कर अपनी छवि बचाने का प्रयास किया। बैठक में इस प्रकार की हरकतों की कड़ी भर्त्सना की गई।
संघ ने स्पष्ट कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण है। यदि पत्रकारों पर ही अनर्गल आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जाएगी तो संघ चुप नहीं बैठेगा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस मामले में शीघ्र ही जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ को लिखित में शिकायत प्रस्तुत कर सरपंच संकेत लोनी की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्यवाही की मांग की जाएगी। साथ ही पत्रकारों की प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों को लेकर सरपंच के खिलाफ मानहानि का परिवाद भी दायर किया जाएगा।
बैठक के अंत में महासचिव अज्जू सोनी ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को जागरूक करना और सच सामने लाना है। यदि पत्रकारिता के रास्ते में बाधा खड़ी करने की कोशिश होगी तो हम संगठित होकर उसका डटकर मुकाबला करेंगे।
इस बैठक में विशेष रूप से जिलाध्यक्ष पंडित राकेश तिवारी, डॉ. सुरेन्द्र राजपूत, कार्यकारी अध्यक्ष नवनीत गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अनंत राम गुप्ता, अजय उपाध्याय, महासचिव अज्जू सोनी, सुखचैन पटेल, दीनदयाल रजक सहित संघ के अनेक पदाधिकारी और पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एकमत होकर कहा कि पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



