थाना बरही में 10 वर्षों से पदस्थ प्रधान आरक्षक, ट्रांसफर पॉलिसी पर उठे सवाल

कटनी जबलपुर दर्पण । जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। थाना बरही में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल ठाकुर (बैच नंबर 53) पिछले 10 वर्षों से लगातार इसी थाने में तैनात हैं। जबकि प्रदेश सरकार की ट्रांसफर नीति के अनुसार किसी भी पुलिसकर्मी को लंबे समय तक एक ही थाने में पदस्थ नहीं रखा जा सकता।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अनिल ठाकुर केस की सार्थक विवेचना करने की बजाय अवैध वसूली और सेटलमेंट के कामों में अधिक सक्रिय रहते हैं। लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने से वे प्रभावशाली लोगों से करीबी संबंध बनाकर नंबर दो के कामों में भी संलिप्त रहते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई बार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन उच्च स्तर के संरक्षण के चलते कार्रवाई अमल में नहीं आ सकी। इससे विभागीय पारदर्शिता और अनुशासन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
जनता की मांग
जिले के नागरिकों ने ऐसे पुलिसकर्मियों के तत्काल ट्रांसफर की मांग उठाई है। साथ ही विवेचनाओं की निष्पक्ष जांच कर यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी लंबे समय तक एक ही थाने में पदस्थ न रहे।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी मौन साधे हुए हैं। अब देखना होगा कि क्या ट्रांसफर पॉलिसी का पालन कर कार्रवाई की जाती है या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा।



