जबलपुर दर्पण

नक्शे का अपुरुवल नागपुर रॉड पर टेंडर लगा अमरावती रोड पर, ममला कलेक्ट्री भवन निर्माण का-?

पांढुरना जबलपुर दर्पण । पांढुरना जिले के कलेक्टर भवन निर्माण में धांधली के आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि कलेक्टर के बाबू ने भूमाफियाओ मिलकर कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण अनियमितताए कर धांधली करने की बात सामने आ रही है। इस पूरे मामले में तत्कालीन कलेक्टर अजय देव शर्मा का स्थानांतरण किया गया है। क्योंकि काग्रेस के सौसर विधायक विजय चौरे ने शासन के साथ कलेक्टर को धरना आंदोलन कर खुली चेतावनी दी थी कि, भु-माफियाओं के इशारे पर कलेक्टर कार्यालय निर्माण उनको लाभ पहुचाने के लिए अमरावती सड़क पर बनाया जा रहा है। इस बात का खुलासा कुछ तत्थो के साथ हुआ है कि, पूर्व में कलेक्टर अजय देव शर्मा ने नागपुर रोड स्थित ड्राइकेट कम्पनी के पास कुछ किसानों की जमीन बंधक कर कलेक्टर कार्यालय निर्माण करने नक्शा अप्रूवल किया था। भु-माफियाओं को लाभ पहुचाने कलेक्टर के बाबू ने कलेक्टर को विश्वास में लेकर नक्शा नागपुर रोड का ओर टेंडर प्रक्रिया में निर्माण कार्य अमरावती रोड पर होना बताया जा रहा है। इतनी बड़ी शासकीय महत्वपूर्ण कलेक्ट्री के भवन में शहरवासियों की आखों में धूल झोकते हुए, धांधली करने के पीछे कलेक्ट्री में बैठे लोगों का उद्देश्य क्या हो सकता है,यह तो वही लोग ज्याने पांढुरना की जनता ने मिलकत तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार ने पांढुरना को जिला बनाया जब कि प्रदेश के मुखिया ने पांढुरना की जनता की भावना को समझा और चंद लोग पांढुरना के लोगो के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। उद्देश्य मात्र भ्रष्टाचार का समझ मे आ रहा है। इस साजिश के पीछे क्या वजह हो सकती है, इसका खुलासा नवागत कलेक्टर नीरज वशिष्ठ से उम्मीद लगाई जा रही है। शहरवासियों का कहना है कि कलेक्टर भवन निर्माण में हुई धांधली की जांच होनी चाहिए ताकि जिस उद्देश्य से शिवराज जी ने पांढुरना को जिला बनाया है, वह सपना पूरा होना चाहिए।

सर्व सुविधा युक्त नागपुर रोड:-
कलेक्टर भवन निर्माण पूर्व में जहा प्रस्तावित किया गया था, वह जगह सर्व सुविधा युक्त चिन्हाकित की गई थी, जहा से पांढुरना, सौसर, नांदनवाडी, के अलावा भविष्य में यदि मुलताई क्षेत्र पांढुरना में जुड़ता है तो यह जमीन सर्व-सुविधा युक्त थी, जिस पर प्रशासन ने कार्यवाही को बदलकर अमरावती रोड की ओर क्यों लेके गए यह विषय शहर के आमजनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अमरावती मार्ग पर शासकीय कार्य और आमजनों के लिए होगी असुविधा:-
अमरावती मार्ग पर कलेक्टरी कार्यालय के निर्माण पर चंद लोगो के फायदे जरूर होंगे,परन्तु आम जनों के लिए होने वाली असुविधा को देखा जाए तो सबसे पहले रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज नही होना, लिंगायत समाज की दान की जमीन पर दान लेकर कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण विवाद होना, नगरीय ग्राम निवेश विभाग के अनुसार नया बस स्टैंड, नागपुर रोड ड्राइटेक कम्पनी के पास प्रस्तावित होना जहा से कलेक्टर कार्यालय निर्माण होने की दूरी लगभग 6 किलोमीटर दूर होगी, इतना ही नही, जनपत,अनुविभागीय कार्यालय, महिला बाल विकास, न्यायालय, शिक्षा विभाग, जल संसाधन, पी. डब्ल्यू. डी. लोकसेवा, कृषि विभाग, एवम अन्य विभाग आसपास में स्थापित है और यहा पर शासन की योजना से सम्बंधित लाभ लेने वाले हितग्राहियों को लाभ लेने कलेक्ट्रेट भवन काफी दूर होना समझ मे आ रहा है। इन सभी प्रमुख बिंदुओं पर नवागत कलेक्टर नीरज वसिष्ठ से सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक एवः आम जनों की भावना का ध्यान रखते हुए, इस सवेदनशील विषय पर बैठक आहूत करने जरूरत है।

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