एण्डटीवी के कलाकारों ने बताई छठ पूजा से जुड़ी अपनी खास यादें

मुंबई जबलपुर दर्पण । छठ पूजा, उत्तर भारत के कई हिस्सों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाने वाला एक पवित्र त्योहार है और लोगों के दिलों में एक खास जगह रखता है। यह त्योहार सूर्य देवता या छठी मईया के प्रति शुद्धता, कृतज्ञता और गहरी आस्था का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर, एण्डटीवी के कलाकारों ने छठ के दिव्य पर्व से जुड़े अपने यादगार अनुभव और भावनात्मक संबंध साझा किए। इन कलाकारांे में ऋचा सोनी (‘घरवाली पेड़वाली‘ की रीता) और सानंद वर्मा (‘भाबीजी घर पर हैं‘ के डॉ. अनोखे लाल सक्सेना) शामिल हैं।
ऋचा सोनी, जोकि आगामी शो ‘घरवाली पेड़वाली‘ में रीता का किरदार निभाती नजर आएंगी, ने कहा, “छठ पूजा मेरे दिल में हमेशा बहुत खास रही है। मैंने बचपन से ही अपनी माँ और चाचियों को पूरी श्रद्धा के साथ यह पूजा करते देखा है। ठेकुआ बनाना, अस्त और उदय होते सूर्य को अर्घ्य देना-छठ के समय का माहौल सच में दिव्य होता है, शुद्धता, अनुशासन और आभार से भरा होता है। बचपन में हम अर्घ्य देने के बाद प्रसाद पाने का बेसब्री से इंतजार करते थे। मेरा सबसे पसंदीदा प्रसाद हमेशा फल रहे हैं- खासकर गागर, गन्ना और नारियल। आज भी जब घर से दूर होती हूँ, तो छोटे-छोटे रिचुअल्स करके उन्हीं पलों को दोबारा जीने की कोशिश करती हूँ। छठ पूजा मेरे लिए मेरी जड़ों, आस्था और परिवार से जुड़ने का एक भावनात्मक अनुभव है।”
सानंद वर्मा ऊर्फ ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के अनोखे लाल सक्सेना ने बताया, “मेरे लिए छठ पूजा दुनिया का सबसे पवित्र त्योहार है। इस समय आमतौर पर शरारती लोग भी अच्छे बन जाते हैं – गरीबों की मदद करते हैं, आसपास साफ-सफाई करते हैं और नदियों को शुद्ध करते हैं। पूरा वातावरण सकारात्मक हो जाता है और नकारात्मकता दूर हो जाती है। जब मैं छठी मईया के गीत सुनता हूँ, तो आंखों में आँसू आ जाते हैं और प्रसाद खाने पर लगता है जैसे अमृत का स्वाद मिल रहा हो। मुझे बिहार के पारंपरिक छठ पूजा की बहुत याद आती है। सभी प्रसाद में मेरा पसंदीदा प्रसाद ठेकुआ है, जो गुड़, घी और आटे से बना होता है। यह सादगी, भक्ति और मिठास का प्रतीक है और छठ पूजा की आत्मा को पूरी तरह दर्शाता है।”
देखिये अपने पसंदीदा शो ‘भाबीजी घर पर हैं‘ हर सोमवार से शुक्रवार रात 10:30 बजे और ‘घरवाली पेड़वाली‘ बहुत जल्द, सिर्फ एण्डटीवी पर!



