बालाघाट दर्पण

कामयाबी की नई उड़ान: सरकारी स्कूल ने बदल दी 26 मेधावी विद्यार्थियों की किस्मत

  बालाघाट जबलपुर दर्पण । बालाघाट जिले के उकवा में संचालित एकलव्य माडल आवासीय विद्यालय अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के सपनों को नई उड़ान देने के साथ ही उनके सपनों को भी साकार करने में मददगार बन रहा है। जिले के दूरस्थ क्षेत्र के गांवों से निकलकर आने वाले बच्चे इस विद्यालय की सीढि़यां चढ़कर देश के शीर्ष संस्थानों तक का सफर तय करने जा रहे है। यह विद्यालय अनुसूचित जनजाति वर्ग के गरीब परिवारों के बच्चों को एक नये मुकाम तक पहुंचाने का माध्यम बन गया है।

एक छोटे से गाँव और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के सपने को साकार करना अक्सर एक चुनौती होता है, लेकिन उकवा के इस सरकारी स्कूल ने पिछले छह वर्षों में अपनी असाधारण सफलता से यह मिथक तोड़ दिया है। यहाँ के छात्रों ने न केवल देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं को पास किया है, बल्कि अपनी सफलता का श्रेय भी सीधे तौर पर स्कूल के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया है। उकवा का यह संस्थान ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता दिलाने का केंद्र बन गया है। पिछले 06 वर्षों में इस विद्यालय के 12 छात्रों ने NEET, 12 छात्रों ने JEE (इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा), और 2 छात्रों ने CLAT (कानून प्रवेश परीक्षा) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। उकवा के इस विद्यालय से निकले 26 मेधावी छात्र आज देश के अग्रणी इंजीनियरिंग, मेडिकल और लॉ कॉलेजों में अध्यनरत हैं।

स्कूल की मदद के बिना MBBS असंभव था

   परसवाड़ा तहसील के ग्राम मदनटोला, पोस्ट कनिया के वर्ष 2024 बैच के छात्र अरूण मेरावी ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण की है और वर्तमान में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सागर से MBBS की पढ़ाई शुरू करने जा रहा है। अरूण का कहना है कि यदि उसके  स्कूल ने हमें निःस्वार्थ भाव से मदद और मार्गदर्शन नहीं दिया होता, तो मेरे लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सागर से MBBS करना नामुमकिन था। स्कूल के शिक्षकों ने केवल पढ़ाया नहीं, बल्कि हमें सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला भी दिया है। अरुण मेरावी की तरह ही इंजीनियरिंग, लॉ और मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे अन्य छात्रों ने भी उकवा के इस स्कूल के प्रति यही विचार व्यक्त किए हैं। वे मानते हैं कि स्कूल का सहयोगी और प्रेरणादायक माहौल ही उनकी कामयाबी का आधार बना है।

एकलव्य़ विद्यालय उकवा के छात्र रहे प्रार्थना कुमार RKDF मेडिकल कॉलेज भोपाल (2021-22), आशा मरकाम पीपल्स मेडिकल कॉलेज भोपाल (2022-23), अभिषेक वडिवा RGPV भोपाल (इंजीनियरिंग), शिवप्रकाश तिलगाम RGPV भोपाल (इंजीनियरिंग), रितेश धुर्वे गवर्नमेंट JEC जबलपुर (इंजीनियरिंग), सोमनाथ गवर्नमेंट JEC जबलपुर (इंजीनियरिंग) एवं होमेश्वरी और स्मिता CLAT के माध्यम से चयनित होकर BA-LLB के लिए जबलपुर गवर्नमेंट कॉलेज में अध्यनरत है। उकवा का यह स्कूल साबित करता है कि संसाधनों की कमी हो सकती है, लेकिन उचित मार्गदर्शन और छात्रों की कड़ी मेहनत के बल पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। यह संस्थान अब क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूलों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गया है।

एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य श्री एकेएस सोलंकी ने बताया कि हम अपने विद्यार्थियों में सिर्फ़ अवधारणात्मक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जिज्ञासा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना पैदा करने पर जोर देते हैं। इसी के नतीजे हैं कि हमारे बच्चे आज विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अपना लोहा मनवा रहे हैं। यह सफलता छात्रों और शिक्षकों के सामूहिक श्रम का परिणाम है।

सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर ने बताया कि एकलव्य विद्यालय लगभग 10 वर्षों से उकवा-पोंडी में संचालित किया जा रहा है। इस विद्यालय में केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को कक्षा 06 से 12 वीं तक की शिक्षा दी जाती है। छात्र-छात्राओं का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। यह आवासीय विद्यालय है और इसमें सीबीएसई पाठ्यक्रम से शिक्षा दी जाती है। इस विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, मेस, खेल मैदान, पुस्तकालय, स्काउट एवं अन्य सभी तरह की सुविधायें उपलब्ध है। इस विद्यालय के लिए केन्द्र सरकार द्वारा फंड उपलब्ध कराया जाता है। यह विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों का भविष्य संवारने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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