छात्रावास अधीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

सीधी जबलपुर दर्पण । लोकायुक्त रीवा की टीम ने आज दोपहर एक छात्रावास अधीक्षक को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। यह रिश्वत रिटायर्ड शिक्षक से जीपीएफ फाइल क्लियर करने के एवज में ली जा रही थी। यह कार्रवाई सिहावल के अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास क्रमांक 2 में की गई। हाल ही में रिटायर हुए शिक्षक वशिष्ठ मुनि द्विवेदी निवासी टिकरी, थाना मड़वास ने 23 सितंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया था कि उनकी जीपीएफ फाइल अग्रेषित करने के एवज में आरोपीगण राजेश पटेल मंडल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग जिला सीधी एवं अशोक पाण्डेय अधीक्षक जूनियर आदिवासी बालक छात्रावास सिहावल द्वारा 50 हजार रुपए की मांग की जा रही है। आरोपी अशोक पाण्डेय के द्वारा पूर्व में 40 हजार रुपए ले लिए गए हैं। शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त संभाग रीवा द्वारा सत्यापन कराया गया। जिसमें शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग किया जाना पाया गया। आज पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देशन में टीम गठित कर ट्रैप कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। जिसके बाद आज ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की जा रही है। वशिष्ठ मुनि द्विवेदी इसी छात्रावास में शिक्षक के रूप में पदस्थ थे और चार महीने पहले ही रिटायर हुए थे। अधीक्षक ने उनकी जीपीएफ फाइल क्लियर करने के बदले यह राशि मांगी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह तय रकम लेकर अधीक्षक के पास पहुंचे तो वह उस समय परिसर में कुछ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पत्रकारों की मौजूदगी देखकर अधीक्षक ने रुपए लेने से बचने की कोशिश की लेकिन टीम ने पहले से घेराबंदी कर रखी थी। थोड़ी ही देर में लोकायुक्त ने अधीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। अशोक पाण्डेय ने गिरफ्तारी के बाद अपनी फोटो और वीडियो सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया, जिसके चलते लोकायुक्त टीम ने आरोपी के कोई विजुअल जारी नहीं किए हैं। आरोपी को पूंछताछ के लिए रेस्ट हाउस में रखा गया।
इनका कहना है।
अधीक्षक अशोक पाण्डेय को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ही कार्रवाई की गई। फिलहाल आरोपी से पूंछताछ जारी है।
उपेंद्र द्विवेदी, निरीक्षक लोकायुक्त रीवा।



