गांव के निस्तारक पानी से भरे खेत बोनी के लिए तरस रहे अन्नदाता

गाडरवारा जबलपुर दर्पण। तहसील मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम कौड़ियां एवं चौराहखुर्द के कृषक लगभग पूर्व 5 वर्षों से लगातार अनुविभागीय राजस्व अधिकारी और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं क्या है मामला किसानो की लगभग 50 से 60 एकड़ जमीन पर ग्राम पंचायत कौड़ियां के निस्तार का पानी भरा हुआ है जिससे किसानों का जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। किसान अपने खेतों में फसल की बोनी नहीं कर पा रहे हैं खेत तालाब बने हुए हैं। हालांकि किसानों का कहना है कि ग्राम निकासी वाले पानी के लिए अलग रास्ता है परंतु उसको अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है अगर उक्त रस्ते को खोल दिया जाए तो जल भराव बंद हो जाएगा उल्लेखनीय है कि खेतों को देखने पर यह प्रतीत होता है कि बारिश के चार महीने तो खेत तालाब के रूप में नजर आते होंगे और यहां सिर्फ खेत नहीं है यहां रहवासी क्षेत्र भी है जहां पर गाडरवारा नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 20 का आखरी छोर भी है जहां खुद वार्ड पार्षद निवासरत है इस पर किसानों का क्या कहना है किसानों का कहना है कि वह अपनी समस्या को लेकर वर्ष 2021 से लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं पर 5 साल बीत चुके हैं कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि किसान विरोधी सरकार के अधिकारी कर्मचारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं और गरीब अन्नदाताओं की सुनवाई नहीं कर रहे अधिकारी तो रसूखदार और बड़े लोगों नेताओं की सुनवाई में व्यस्त हैं। गुस्साए किसानों ने आज एक बार फिर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय गाडरवारा पहुंच कर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, नरसिंहपुर कलेक्टर, एस डी एम गाडरवारा और थाना प्रभारी गाडरवारा को ज्ञापन और 7 दिनों का अल्टिमेटम दिया है किसानों का कहना है कि 7 दिनों में सुनवाई नहीं होती तो 10 दिसंबर 2025 से किसान अपने परिवार सहित स्टेट हाईवे 22 गाडरवारा करेली मार्ग को प्रभावित कर भूख हड़ताल करने मजबूर होंगे जिसमें किसी भी प्रकार कि समस्त होती है तो संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी। इनका कहना है क्षेत्र चांवरपाठा ब्लॉक में आता है जहां के सी ई ओ साहब से बात हो गई है उन्होंने बोला है इसका इस्टीमेड बो बना देंगे और सी ई ओ साहब और मै खुद स्थल निरीक्षण करूंगी और जो विधि संगत होगा वह किया जाएगा



