जिला सिहोरा आमरण अनशन एवं सद्बुद्धि यज्ञ के बाद बिगड़ी तबियत, अन्न, जल त्यागने से पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू जी का 5 किलों से अधिक वजन घटा, बीपी भी हुआ हाई,

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर संभागीय के संसदीय क्षेत्र की सबसे पुरानी मांग और लगातार लम्बे संघर्ष के चलते सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन ने अब बेहद गंभीर और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। जहां अन्न, जल त्याग कर सत्याग्रह कर रहे पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू का वजन दूसरे ही दिन 5.75 किलोग्राम तक घट गया । साथ ही बीपी भी बढ़ने लगा। जिससे उनका शरीर पूरी तरह निढाल हो गया है। उनकी बिगड़ती हालत ने पूरे सिहोरा क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। और देर शाम को उनके घर के बाहर क्षेत्र वासियों का जमावड़ा एकत्रित हो गया।
बस स्टैंड धरना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार प्रमोद साहू की कमजोरी साफ तौर पर दिखाई दे रही है, इसके बावजूद उनका संकल्प अडिग है। उनका कहना है कि जब तक सिहोरा को जिला बनाने पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह त्याग जारी रहेगा।
शाम 6 बजे के दौरान क्षेत्रीय विधायक संतोष बड़कड़े एवं स्थानीय प्रशासन ने घर में जा कर उनका हाल जाना, लेकिन समस्या के निदान करने में असंतुष्ट नज़र आए। अब सवाल के घेरे में है वर्तमान सरकार?
क्यों सरकार की संवेदनहीनता पर फूटा जनता का गुस्सा – प्रमोद साहू जी की हालत बिगड़ने की खबर फैलते ही पूरे सिहोरा में आमजन की चिंता के साथ-साथ सरकार के प्रति नाराजगी चरम पर पहुंच गई है। उपस्थिति लोगों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का स्वास्थ्य नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं और अधिकारों की अनदेखी का परिणाम है।
क्रमिक धरना स्थल में बैठे अनशन कर्ता-इधर पुराने बस स्टैंड पर छठवें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा। सिहोरा के वार्ड नंबर पांच के पार्षद अरशद खान के नेतृत्व में वार्ड के सैकड़ों लोग धरना में बैठे ।साथ ही गहोई समाज के लोगो ने भी क्रमिक भूख हड़ताल में अपनी शिरकत की।विभिन्न समाजों की भागीदारी से आंदोलन और अधिक मजबूत हो गया है।
अन्न के बाद अब जल त्याग, आंदोलन और उग्र-पहले ही अन्न त्याग कर चुके प्रमोद साहू ने घोषणा की है कि आज से वे जल का भी त्याग करेंगे। इस ऐलान ने प्रशासन और शासन पर दबाव कई गुना बढ़ा दिया है।
9 दिसंबर से सिहोरा–खितौला बंद-व्यापारियों ने आंदोलन के समर्थन में 9 दिसंबर से संपूर्ण सिहोरा और खितौला बंद रखने का निर्णय लिया है। बाजार बंद के फैसले को जनता का खुला समर्थन मिल रहा है।
देर शाम विधायक संतोष बरकड़े और एसडीएम सिहोरा अनशन कर रहे प्रमोद साहू के घर पहुंचकर प्रमोद साहू से मिलने पहुंचे। मुलाकात के दौरान प्रमोद साहू ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि वे आज से जल त्यागने के अपने संकल्प पर पूरी तरह कायम हैं और जब तक सिहोरा को जिला बनाए जाने को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं होता, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
विधायक को जनता ने घेरा, खुलकर जताई नाराजगी-विधायक संतोष बरकड़े के प्रमोद साहू के घर पर पहुंचते ही सिहोरा वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने विधायक संतोष बरकड़े को घेरकर सरकार और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर तीखी नाराजगी व्यक्त की। जनता का कहना था कि अब आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए।
प्रमोद साहू की बिगड़ती सेहत और जल त्याग के ऐलान के बाद पूरे सिहोरा में चिंता के साथ-साथ सरकार के प्रति आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक शांतिपूर्ण सत्याग्रह को इस हद तक पहुंचने देने की जिम्मेदारी कौन लेगा।
धरना स्थल से लेकर चौक-चौराहों तक एक ही सवाल गूंज रहा है—
क्या सिहोरा को जिला बनाने की मांग का जवाब सिर्फ चुप्पी है?
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो हालात और भी विस्फोटक हो सकते हैं। सिहोरा का यह आंदोलन अब मांग नहीं, बल्कि सम्मान, अस्तित्व और अधिकार की लड़ाई बन चुका है।
आज 11 बजे सिहोरा पहुंचे जनसैलाब-आंदोलन समिति ने बहोरीबंद, मझौली, ढीमरखेड़ा और संपूर्ण सिहोरा के लोगों से दोपहर 11 बजे सिहोरा बस स्टैंड पहुंचने का आह्वान किया है। आयोजकों का दावा है कि आज का दिन सिहोरा आंदोलन के इतिहास में निर्णायक साबित होगा।
आज से ही बस स्टेंड में आमरण होगा –अगर आज के प्रदर्शन के बाद भी सरकार सिहोरा जिला को लेकर कोई निर्णय नहीं लेती तो आज तीन बजे से बस स्टेंड सिहोरा में भी आमरण अनशन की शुरुआत सिहोरा वासियों द्वारा की जावेगी।
सिहोरा का माहौल उबल रहा है। यह आंदोलन अब मांग नहीं,
चिंता, चेतावनी और जनता के आक्रोश की पुकार बन चुका है।
ये बैठे क्रमिक अनशन में –अरशद खान,महेंद्र वंशकार, लालू यादव, रईस खान,हरी प्रसाद गुप्ता, सतीश गिरी महाराज, सत्येंद्र पांडे, शेख इजराइल, गिरधर सरावगी, राकेश गुप्ता,फैसल शाह, जाकिर अली, साजिद मकरानी,अफजल बैग, शेख इसदाद, मोंटी मंसूरी,साजिद खान,जावेद खान, साजिद अंसारी, वसीद अली, प्रशांत मिश्रा,अनिल कन कने, अनिल जैन, शकील अजहर अली,सुमन पटेल,रूपाली सराफ,संगीता विश्वकर्मा,पार्वती पटेल,अंजना साहू,आरती रजक,शिवांगी साहू,राधा साहू अन्य जनमानस की उपस्थिति रहीं।



