जबलपुर दर्पण

विकास और विरासत के दो वर्ष: डॉ. मोहन यादव का कुशल नेतृत्व और जन-केंद्रित सुशासन

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अपनी स्थापना का भव्य उत्सव मना ही रहा था कि प्रदेशवासियों को एक और गौरवशाली अवसर पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करने का अवसर मिला है। डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होना केवल एक समय-सीमा का अंत नहीं, बल्कि प्रगति, स्थिरता और जन-विश्वास की एक नई गाथा का प्रारंभ है। इन दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने विकास के जिस पथ पर अग्रसर होना शुरू किया है, यह न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिस दृढ़ता और दूरदर्शिता से राज्य की कमान संभाली, उससे पहले ही दिन से यह स्पष्ट हो गया था कि यह कार्यकाल परिवर्तनकारी साबित होगा। शासन की बागडोर संभालते ही उन्होंने ‘राष्ट्र प्रथम’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य के हितों को सर्वोपरि रखा। आज दो वर्ष बाद, जब हम उनकी उपलब्धियों का आकलन करते हैं, तो एक समृद्ध, समावेशी और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का चित्र उभरकर सामने आता है। विकास के नए आयाम: अधोसंरचना से लेकर रोजगार तक इन दो वर्षों में प्रदेश के बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिले हैं। सड़कों का जाल बिछाने से लेकर डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने तक, हर क्षेत्र में तेज गति से काम हुआ है। लेकिन इससे भी बड़ी उपलब्धि है युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन। सरकार ने केवल एक वर्ष में ही 75,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां देना सुनिश्चित किया है, जो युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। निजी क्षेत्र में भी दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। यह सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आशाओं और सपनों को नई उड़ान देने का प्रमाण है। महिला सशक्तिकरण: लाड़ली बहना योजना की सफलता प्रति बहना १५०० महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के कदम सराहनीय रहे हैं। ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत 1.26 करोड़ से अधिक बहनों को सीधे १५०० रुपयों की प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार और समाज में उनकी सहभागिता और सम्मान भी बढ़ा है। यह योजना लाड़ली बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। स्वास्थ्य और शिक्षा: मानव विकास सूचकांक में सुधार मानव विकास के दो प्रमुख स्तंभों स्वास्थ्य और शिक्षा पर सरकार का फोकस स्पष्ट दिखाई देता है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या को दोगुना कर 25 से अधिक कर दिया गया है। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों का आधुनिकीकरण और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देना युवा पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है। सुरक्षा और सद्भाव: शांति की नींव पर खड़ा विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनकी दृढ़ नीतियों के परिणामस्वरूप नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या से कई जिलों को मुक्ति मिली है। मंडला, बालाघाट, डिंडोरी जैसे क्षेत्र अब शांति और विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। इसके साथ ही सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने में सरकार की भूमिका सराहनीय रही है। एक शांत और सुरक्षित वातावरण ही सतत विकास की पहली शर्त है, और इस मोर्चे पर सरकार पूरी तरह से कामयाब रही है। विरासत का संरक्षण: परंपरा और आधुनिकता का संगम वैदिक परंपराओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नए आयाम दे रहा है। वैदिक घड़ी की स्थापना और सिंहस्थ कुंभ 2028 की भव्य तैयारियां राज्य को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। गीतामहोत्सव जैसी परियोजनाएं भारतीय दर्शन और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। विश्वविद्यालयों के शीर्ष शैक्षणिक प्रमुखों को ‘कुलगुरु’ का पदनाम देना प्राचीन शिक्षा परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनी ऋषि के नाम से सरकारी स्कूलों का नामकरण ‘सांदीपनी विद्यालय’ करना प्रेरणादायक शिक्षण परंपरा को पुनर्जीवित करने का सार्थक प्रयास है। यह केवल नामकरण नहीं, बल्कि शिक्षा को उसकी गरिमा और पवित्रता के साथ स्थापित करने का संकल्प है। एक नए युग का सूत्रपात डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इन दो वर्षों ने मध्यप्रदेश को विकास की एक नई गति और दिशा दी है। उनकी सरकार ने साबित किया है कि स्पष्ट नीयत, मजबूत इरादे और जन-भागीदारी से कैसे एक राज्य नई ऊंचाइयों को छू सकता है। आने वाले वर्षों में जब सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं पूरी तरह से जमीन पर उतरेंगी, तो मध्यप्रदेश न केवल देश के शीर्ष राज्यों में शामिल होगा, बल्कि वैश्विक मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा। प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व का क्षण है और भविष्य के लिए आशाओं से भरा हुआ। डॉ. मोहन यादव जी को उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए बधाई, और मध्यप्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।

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