जबलपुर दर्पण

बजट पर चर्चा के दोरान औद्योगिक नीति निवेश प्रोत्साहन पर बोले विधायक डॉ अभिलाष पाण्डेय

जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जबलपुर उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक डॉ अभिलाष पाण्डेय ने औद्योगिक नीति निवेश प्रोत्साहन पर चर्चा करते हुए अपनी बात रखी एवं मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यों के लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।

विधायक डॉ अभिलाष पाण्डेय ने विधानसभा में औद्योगिक नीति निवेश प्रोत्साहन विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी की सरकार है,और जिस तरह से इस सरकार में विकास का बजट मध्यप्रदेश के सामने आया है यह मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास का बजट है मध्यप्रदेश सरकार इस विकास के मॉडल पर कार्य कर रही है हम हमेशा विकास को कहते हैं मल्टी डाइमेंशनल विकास होना चाहिए इस बजट के अंदर हम विकास की परिकल्पना को साकार होते देख रहे हैं जो कि डॉ मोहन यादव जी की सरकार लगातार कर रही है,लोकतंत्र में हम हमेशा सुनते हैं कि जवाबदेही स्थापित होना चाहिए जो वादे हमने किए हैं वो वादे पूर्ण होना चाहिए क्योंकि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार वादों ही नहीं बल्कि इरादों के साथ आई है, इसलिए निरंतर विकास की गाथा लिखी जा रही है।
डॉ पाण्डेय ने कहा कि उद्योग की दृष्टि से 3760 करोड़ का जो बजट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की ओर आए बढ़ता है मैं आज इस अवसर पर धन्यवाद देना चाहता हूं मध्यप्रदेश के जननायक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी को उन्होंने औद्योगिक विकास की परिकल्पना को साकार किया और पूरा 2025 मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास वर्ष के रूप में जो लेकर आए और मध्यप्रदेश के अंदर जिस प्रकार से औद्योगिक विकास की परिकल्पना को साकार किया गया उसके अंतर्गत रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव का कॉन्सेप्ट माननीय मुख्यमंत्री जी लेकर आए हैं और मध्यप्रदेश का सर्वांगीण विकास तभी संभव हो सकता है जब मध्यप्रदेश में इंदौर संभाग के अंतर्गत आने वाले चाहे झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी,खंडवा, बुरहानपुर उनका विकास यदि संभव हो। वहीं चंबल के अंतर्गत यदि भिंड,मुरैना,ग्वालियर, अशोकनगर,दतिया का विकास संभव होगा।इसी तरह जबलपुर संभाग की बात करें तो इसके अंतर्गत मंडला, डिंडोरी,सिवनी, छिन्दवाड़ा,बालाघाट , नरसिंहपुर, कटनी का विकास होगा। तथा इसी प्रकार सभी संभागों के अंतर्गत आने वाले जिलों को संभागीय स्तर पर होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव का सीधा लाभ मिलता है।

मैं यह कहते हुए शुभकामनाएं देता हूं कि जो 1 लाख 43 हजार 920 लाख करोड़ का निवेश इन रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव के माध्यम से आना प्रस्तावित किया गया है इसमें हमारी परिकल्पना है कि मध्यप्रदेश इसमें केवल प्रोडक्शन का हब न बने बल्कि प्रोसेसिंग का हब बने।रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव की सफलता को देखकर अब अन्य राज्य भी मुख्यमंत्री जी के इसी मॉडल को एडॉप्ट करके कार्य कर रहे हैं।
रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव के माध्यम से 2.3 लाख करोड़ का निवेश हुआ है जिसमें 2.74 लाख से ज्यादा रोजगार सृजन हुआ है
डॉ पाण्डेय ने कहा कि 2003 के पहले मध्यप्रदेश में ज्ञान संपदा और खनिज संपदा दोनों का ही पलायन होता था पर देश में प्रधानमंत्री मोदी जी और प्रदेश में डॉ मोहन यादव जी के नेतृत्व में हम निरंतर नए आयाम प्राप्त कर रहे हैं जिसमें पी एम मित्र पार्क एक बड़ा उदाहरण है जिसके माध्यम से लगभग 65 से अधिक देशों को ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के माध्यम से निवेश हेतु शामिल किया गया है।
डॉ पाण्डेय ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भी कार्य कर रही है भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में करीब 56 हजार 920 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।आचार्य चाणक्य हमेशा एक बात कहते थे कि “सुख का मूल धर्म है, धर्म का मूल अर्थ है और अर्थ का मूल राज्य है”
जहां 2003 के पहले का बजट 23 हजार करोड़ रुपए का आता था तो अब 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया गया है।

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