जबलपुर दर्पण

100 से अधिक संगठनों की सहभागिता के साथ हजारों लोगो ने मिलकर मनाई समरसता की होली

जबलपुर दर्पण । तीन साल पहले जिस समरस समाज की पावन संकल्पना के साथ समरसता सेवा संगठन की नीव रखी गई थी, उसकी बुलंद इमारत रंगपंचमी के रूप में देखने मिली। आपसी सद्भाव के प्रतीक पर्व रंगपंचमी की होली में सारा समाज और शहर मानो एक हो गया। जाति-वर्ग, आयु-समाज की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए 100 से अधिक संगठनों की सहभागिता के साथ हजारों की संख्या में नर-नारी समरसता के रंग में रंगे नजर आए। कुल मिला कर समरसता सेवा संगठन ने रविवार को इतिहास रच दिया। शहर के इतिहास में ऐसा संभवत: पहली बार हुआ जब सन्यस्त-ग्रहस्थ, अमीर-गरीब, महिला-पुरुष, छोटे-बड़े, बच्चे-बूढ़े का भेद मिट गया। सामाजिक सद्भाव और आपसी सौहाद्र के अद्भुत होली मिलन का अभूतपूर्व नजारा पूरे शहर में देखने मिला। धुरेड़ी-रंगपंचमी पर देश के विविध शहरों में जितने भी आयोजन होते हैं, उन सभी आयोजनों से कदमताल करता ये आयोजन हर दिल को भा गया। संगठन की अनूठी समरंग शोभायात्रा में अपार जनसमूह उमड़ा।

पूज्य संतो के सानिध्य में, समरसता सेवा संगठन के तत्वावधान एवं संस्कारधानी वासियो के साथ गोपाल बाग स्थित श्री कलेही माता मंदिर से प्रारंभ शोभायात्रा का विराम डीएनजैन कॉलेज मैदान में रंगारंग आयोजनों के साथ हुआ।

माताजी के पूजन से शुरुआत –

अनूठी समरंग शोभायात्रा का गोपालाबाग स्थित श्रीगणेश मां कलेही माई की पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद रास्ते में जितने भी मंदिर पड़े, सभी के श्री विग्रह पर समरसता सेवा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा पूजन-अर्चन किया गया। यात्रा के श्रीगणेश के पूजन में नगर के सभी संतवृंद उपस्थित थे। वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्ति वाचन के बीच समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष संदीप जैन ने सभी संतों का स्वागत-पूजन किया और फिर सभी को रथ पर आसनस्त कराया। शोभायात्रा छोटा फुहारा, मिलौनीगंज, तमरहाई, कोतवाली, सराफा, कमानिया, फुहारा, लार्डगंज, सुपर बाजार, श्याम टाकीज होते हुए डीएनजैन कॉलेज पहुंची।

संतो का मिला आशीर्वाद – समरंग यात्रा के साथ ही होली महोत्सव में पूज्य जगतगुरु स्वामी राघवदेवाचार्य जी, पूज्य जगतगुरू बालगोविंदाचार्य जी पारम्बाधाम, पूज्य जगतगुरु राजारामाचार्य जी, पूज्य स्वामी गिरीशानंद जी साकेत धाम, पूज्य स्वामी चैतन्या नंद जी बगुलामुखी धाम, पूज्य स्वामी कालीनंद जी, पूज्य पगलानंद जी महाराज, पूज्य स्वामी गिरिजानंद जी, पूज्य चन्द्रशेखरानंद जी, पूज्य मैत्री दीदी, पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी, पं वासुदेव शास्त्री, पं रोहित दुबे, पं देवेंद्र त्रिपाठी का आशीर्वाद मिला.
समरंग यात्रा में रथो पर सवार पूज्य संतो ने यात्रा मार्ग में भक्तो पर पुष्प वर्षा की साथ ही डीएनजैन कॉलेज प्रांगण में सजे मंच पर विराजित संतो से सभी ने आशीर्वाद लिया।

चलित झांकियों ने मन मोहा –

समरंग यात्रा में शामिल करीब डेढ़ दर्जन से अधिक झांकियों ने शहरवासियों का मन मोह लिया। इनमें संतों के आधा दर्जन से अधिक रथ, व्रज-वृंदावन-मथुरा आदि की होली के अलावा सामाजिक समरसता, पंच परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता आदि की झांकियों ने समाज का ध्यान आकृष्ट किया। इसके साथ ही फाग मंडली, इस्कान मंदिर कीर्तन भजन मंडली की झांकियों के अलावा बैंड-धमााल, डीजे, दुलदुल घोड़ी, बैंड मंडली, शेर डांस गु्रप, पंजाबी ढोल ग्रुप के साथ ही सभी संस्कृतियों के समावेश ने गजब माहौल बनाया। यात्रा मार्ग में 60 से अधिक मंचों से सामाजिक, व्यापारी और सांस्कृतिक संगठनों ने मंच लगाकर यात्रा का फूलो और ग़ुलाल से स्वागत किया साथ ही आम जन भी शोभायात्रा में शामिल होते गए और ऐतिहासिक होली के साक्षी बने।

फूलों से नहा गया मार्ग –

समरंग यात्रा मार्ग फूलों से अट गया। संतों सहित झांकियों में शामिल पात्र और आमजन एक दूसरे पर पुष्प वर्षा कर अनूठी होली खेल रहे थे। शोभयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। आकर्षक फाग, राई, कर्मा आदि लोकगीतों ने वातावरण में बरसाना की होली सा माहौल घोल दिया। शोभायात्रा में नगर के प्रबुद्धजन, राजनीतिज्ञ, कला-शिक्षा विद, व्यापारी, चिकित्सक सहित हर वर्ग के लोग शामिल हुए। महिलाओं-बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

डीएनजैन प्रांगण में वृंदावन से नजारे –

डीएनजैन महाविद्यालय के प्रांगण में वृंदावन के से नजारे दिखे। समरसता की होली में सब एक हो लिए। समरंग शोभायात्रा के समापन पर संस्कृतिक कार्यक्रम परंपरागत राई-फाग की प्रस्तुतियों के साथ फूलों एवं गुलाल के रंग बिख्रे। यहां समग्र होली का स्वरूप नजर आया। सुगंधित पुष्प, हर्बल गुलाल के साथ परंपरागत व्यंजनों का जायका आगंतुकों को आकषित् कर रहा था। यहां बड़ी संख्या में बच्चों-बड़ों, महिलाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सभी समाजों की परंपराओं और रीति रिवाजों के दर्शन इस दौरान एक स्थान पर ही हुए। अध्यक्ष संदीप जैन सभी आगंतुकों का तिलक-पुष्प वर्षा से स्वागत किया। इस दौरान संतों ने शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।

उत्साह के साथ सेवा भाव भी –

शोभयात्रा सहित समग्र आयोजन में उत्साह के साथ सेवा भाव के भी नजारे दिखे। शोभायात्रा के पीछे समरसता सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं सफाई करते भी चल रहे थे। आयोजन समिति के कार्यकर्ता स्वच्छता के प्रति भी तत्पर नजर आए। शोभायात्रा मार्ग की सफाई के साथ ही डीएनजैन मैदान को भी आयोजन के बाद साफ किया गया। सामुदायिक बहुलता की समरसता से जुड़ा मेल-मिलाप के इस आयोजन में जिस तरह से आत्मीय भाव सभी के अंतर्मन में उमड़े उसने जातीय जड़ता को भी ध्वस्त कर प्रेम-भाइचारे का संदेश दिया।

समाजो ने लगाए पारम्परिक व्यजनों के स्टॉल –

गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विभिन्न समाजो द्वारा पारम्परिक व्यजनों के स्टॉल लगाए गए जिनमे सभी आगूँतुको ने गुड़ की जलेबी, मोटे सेव, बेढ़नी पुरी सब्जी, कढ़ी पकोड़ा, चावल, तरी सकोड़ा, कांजी बड़ा, भजिया, मंगोड़ा पानी पुरी, चूरी बेर, भेल, पाव भाजी, चूरमा, कच्ची लस्सी, पफ्रेस फ्रूट, चाय, मुखवास का स्वाद लिया।

100 से अधिक सामाजिक, व्यापारी संगठनों ने की सहभागिता –

समरसता की होली में संस्कारधानी के 100 से अधिक संगठनों ने सहभागिता दी जिनमे जबलपुर अग्रवाल सभा, सकल जैन समाज, मप्र कलचुरी समवर्गीय महासभा, माँ वैष्णो देवी यात्रा समिति, सिंधी समाज, एक पहल जनसेवा समिति, लक्ष्मी नारायण मंदिर ट्रस्ट ताम्रकार समाज, कायस्थ महासभा, चित्रगुप्त महाराज सेवा ट्रस्ट, हैप्पी क्लब, शक्ति क्लब, पॉवर ऑफ़ वूमेंस, तेलगु आंध्र समाज, असाठी वैश्य समाज, युवा रजक समाज सेवा समिति, द रॉयल राजपुताना क्लब, पंजाबी महासंघ, युवा पंजाबी महासंघ, प्रबंधक कमेटी श्री गुरुद्वारा मढ़ाताल, छोटा नीम परिवार, सराफा मित्र मंडल, फाउंडर ग्रुप सराफा बाजार, व्यंकेटश्वर महिला सशक्तिकरण समिति, चौरसिया समाज, संस्कारधानी अयोध्यावासी वैश्य गुप्ता समाज से बड़ी संख्या में वरिष्ठठो, महिलाओ, युवाओ ने कार्यक्रम में सहयोग कर गरिमा बढ़ाई।

आम और खास सभी एक रंग में रंगे –

समरसता होली में संस्कारधानी के आम जन मानस के साथ खास भी शामिल हुए और सभी एक रंग में रंगे नजर आये, कार्यक्रम में विधायक सुशील तिवारी इंदु, अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, नगर निगम अध्यक्ष रिंकूज विज, लेखराज सिंह मुन्ना, प्रो. आशुतोष दुबे, डॉ जितेंद्र जामदार, कमलेश अग्रवाल, शरदचंद्र पालन, जगदीश चोहटेल, पं ब्रजेश दीक्षित, सरदार राजेंद्र सिंह छाबड़ा, कैलाश अग्रवाल बब्बा जी, तारु खत्री, डॉ सुनील मिश्रा, अशोक नामदेव, रामबाबू विश्वकर्मा, मेवालाल छिरोल्या, डॉ अभिजात कृष्ण त्रिपाठी, एड सम्पूर्ण तिवारी, पं संजय गोश्वमी, राजेश पाठक प्रवीण, आलोक पाठक, प्रमोद पंडा, डॉ आनंद सिंह राणा, बृजेश अरजरिया, सरदार रंजीत सिंह, देवेश्वरी मोदी , शंकरलाल चौदहा, विद्वेष भापकर, सुनील श्रीवास्तव, सहेन्द्र श्रीवास्तव, संतोष नेमा, मनोज चौरसिया, आशीष चौरसिया, पं आशुतोष दीक्षित, अभिमन्यु जैन, नितिन भाटिया, सरदार जसबीर सिंह, कौशल सूरी, रत्नेश मिश्रा, अजय अधिकार, सुधा तिवारी, श्वेता सिंह, नीता जैन, श्वेता पचौरी, दीपमाला सोनकर, दीपमाला केसरवानी, पूजा रजक, के साथ हजारों की संख्या में संस्कारधानी वासी होली उत्सव में शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88