नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में ऊर्जा विभाग की प्रदर्शनी का विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के सचिव पंकज अग्रवाल ने किया अवलोकन

जबलपुर दर्पण। विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 19 से 22 मार्च तक नई दिल्ली में ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप वैश्विक विद्युत परितंत्र में भारत की भूमिका को मजबूत करने और निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित चार दिवसीय “भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026” में विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश ऊर्जा विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। श्री अग्रवाल ने “भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026” में ऊर्जा विभाग द्वारा मध्यप्रदेश की विद्युत कंपनियों की संयुक्त प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं प्रदर्शनी की सराहना की। नई दिल्ली में आयोजित इस चार दिवसीय “भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026” में ऊर्जा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा बिजली के अवैध और अनधिकृत उपयोग की रोकथाम के चलाई जा रही इनफॉर्मर स्कीम के साथ ही वी मित्र एप, उपाय एप और स्मार्ट बिजली एप की प्रशंसा की। उन्होंने रिवेंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम(RDSS) में किए जा रहे कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी को देखा और प्रदेश में साढ़े 36 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर की स्थापना पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए स्मार्ट मीटर की स्थापना में तेजी लाने पर बल दिया। पंकज अग्रवाल ने केंद्र सरकार प्रवर्तित योजना पीएम जनमन योजना में 28 हजार से अधिक कनेक्शन प्रदान करने की प्रगति को सराहा। केंद्रीय विद्युत सचिव ने प्रदर्शनी में ऊर्जा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा विद्युतीय क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों, उत्पादन और वितरण क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और आधुनिक तकनीकों का अवलोकन किया। अग्रवाल ने एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी के आधुनिक नवाचारों जिनमें 400 केवी चालू लाइन पर काम करने में सक्षम इंसुलेटेड वर्क प्लेटफार्म, कंडक्टिव सूट (हॉट मेन), ड्रोन पैट्रोलिंग और एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी की विद्युत उत्पादन इकाइयों द्वारा निरंतर विद्युत उत्पादन और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रशंसा की। उन्होंने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल, कॉल सेंटर 1912 और 5 रुपए में नवीन कनेक्शन प्रदान करने की योजना को जनहित योजना बताते हुए सराहना की। इस मौके पर मध्यप्रदेश सरकार के उर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।



