जबलपुर मास्टर प्लान में देरी को लेकर दायर याचिका पर हाइकोर्ट का अहम आदेश 8 सप्ताह में अभ्यावेदन निराकरण के आदेश
जबलपुर दर्पण। क्रे दाई बिल्डर एसोसिएशन जबलपुर के दीपक अग्रवाल की ओर से दायर याचिका में आदेश याचिका कर्ता की ओर से दिनेश उपाध्याय एडवोकेट ने न्यायालय में बताया कि जबलपुर का मास्टर प्लान 2008 से प्रभाव सील था जो 2021 में समाप्त हो चुका है उसके बाद अभी तक नया मास्टर प्लान पब्लिश नहीं हुआ है जबकि 2014 में 125 ग्राम जबलपुर नगर के8 सीमा में जूडे है पर उनके लिए भी कोई मास्टर प्लान नहीं है जिसे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है था बिल्डर भी प्रभावित हो रहे है क्योंकि मास्टर प्लान के अभाव में प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं हो पा रहे है अवैध निर्माण हो रहे है जिससे सरकार को भी लाखों की क्षति हो रही है आवेदकों के लगातार प्रयासो पर नगर तथा ग्राम निवेश डायरेक्टर द्वारा मास्टर प्लान ड्रॉपट 31 1 2026 को अधिनियम की धारा 18 के तहत पब्लिकेशन के लिए भेजा जा चुका है किंतु 2 माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पब्लिकेशन नहीं हुआ है जिसके संबंध में आवेदक ने लगातार अभ्यावेदन प्रस्तुत कर प्रकाशन जल्द किए जाने की मांग के बाद भी कार्यवाही न होने पर याचिका दायर करनी पड़ी है शासन की ओर से गवर्मेंट एडवोकेट कनक गहरवार ने न्यायालय में बताया कि मामला विचाराधीन है इस लिए बो जबाव प्रस्तुत करना चाहते है उभय पक्षों के तर्कों के बाद न्यायालय ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि पब्लिकेशन हेतु पत्र 31 1 26 को दिया जा चुका है आवेदक का अभ्यावेदन पेंडिंग है अतः गुरुदोषो पर आदेश दिए बगैर न्यायमूर्ति नटवर लाल भट्ट की एकल पीठ ने याचिका कर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण 8 सप्ताह में करने के निर्देश दिए है।



