हिरन नदी सूखी, सिहोरा-खितौला सहित कई गांवों में गहराया जल संकट

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण। जबलपुर जिले के सिहोरा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत उप नगर खितौला में हिरन नदी का जल स्तर रुक गया हैं। जहां नदी से आश्रित विभिन्न गांवों के साथ साथ वार्ड नंबर 16 एवं वार्ड नम्बर 18 में पानी सप्लाई विगत 20 दिनों से बंद पड़ी हुई हैं। साथ ही देखा जाए तो इस गर्मी के समय में विगत वर्ष 2018 से हिरन नदी का जल स्तर प्रवाह रुक जाता हैं। जिस कारण वंश हिरन नदी में पानी तो रुका ही है। वहीं 20 दिनों से अधिक सूखी पड़ी नदी से सिहोरा खितौला सहित कई गांवों में जल संकट के साथ साथ जीव जंतुओं,पशु प्राणी, पक्षियों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ हैं।
हमारे मीडिया प्रतिनिधि ने जब खितौला हिरन घाट पर पहुंच कर जब हालात देखें तो बड़े ही हैरान और निंदनीय बात सामने नजर आई। जब ग्राउंड रिपोर्ट को कबरेज कर रहे थे तो वहां का नजारा मानो भीषण जल संकट के संकेत दिखाई दे रहे हो।
पानी बिन शून्य जीवन – क्यों रूकी जल धारा – सिहोरा खितौला सहित लगे हुए एक दर्जन गांवों में हिरन नदी में पानी न होने से लोगों में रुष्टता के साथ परेशानियां से जूझना पड़ रहा हैं।
इन इन गांवों से गुजर कर कुण्डम से निकल कर आई हिरन नदी – हिरन नदी पिछले बीते वर्ष की बात करे तो वर्ष 2018 से ज्यादा संकट नजर आता दिखाई दे रहा हैं इन 10 वर्षों में दिनों दिन हिरन नदी का जल स्तर घट कर बीरान हो जाती हैं। एक समय था जब नदी में 20 फिट तक पानी कल कल कर बहता दिखाई देता रहा हैं। और एक सुन्दर नजारा भी झलकता था।
सिहोरा खितौला से लगे हुए एक दर्जन से अधिक गांव – मरहा, बरेली, अमगवा, केवराली, दरौली, मढ़ा परसवारा, भाटादौन, मुरता, घाना, छोटी दरौली, सहित लगे विभिन्न गांवों में हिरन नदी में पानी न होने से वीरान नज़र आ रहा हैं।
सार्वजनिक ज्वारे विसर्जन – खितौला वार्ड क्रमांक 16 बड़ी खैर माई मढ़िया में वैशाख माह की गुप्त नवरात्रि को कई वर्षों से लगातार माता रानी के हरे हरे ज्वारे स्थापित कर नौवीं को हिरन नदी में भक्ति भाव के साथ विसर्जन किए जाते आ रहे हैं। पर इस बार सूखी नदी में छोटे गढ्ढे में ही ज्वारे विसर्जित किए गए।
मीडिया को बताई आप बीती – बड़ी खैर माई मढ़िया के पंडा गोविन्द प्रसाद ने बताया कि वैशाख मास की गुप्त नवरात्रि में बड़ी खैर माई में ज्वारे स्थापित किए जाते हैं। इस बार 18/04/2026 अप्रैल को ज्वारे माता के मंदिर में स्थापित किए गए थे। जिनका विसर्जन 26/04/2026 दिन रविवार नौवीं को सूखी पड़ी हिरन नदी में रात्रि 10 बजे विसर्जित हुई हैं।
हिरन नदी में बना फिल्टर प्लांट – हिरन नदी के किनारे बने 50 वर्षों से अधिक समय से नगर पालिका परिषद सिहोरा के इस फिल्टर प्लांट की वॉटर सप्लाई भी 20 दिनों से भी अधिक समय से बंद पड़ी हुई हैं।
स्थानीय निवासियों ने लल्लू ठाकुर, मनोज दाहिया, लल्ला मल्हार, गोविन्द कोल सहित अन्य लोगों ने बताया कि भविष्य में इस प्रकार की समस्या कभी नहीं हुई। जो आज नजर आ रहीं हैं।
क्षेत्रीय विधायक का कहना – हिरन नदी में जल प्रवाह रूक जाने को लेकर स्थानीय विधायक संतोष बड़कड़े से फ़ोन पर बात होने पर बताया कि मैंने इस समस्या को लेकर लगातार बात कर रहा हूं। और जिला अधिकारियों के समकक्ष बैठक भी सम्पन्न हुई। आने वाले समय में हिरन नदी का कायाकल्प भी बदलेगा।


