दिव्यांग बालिक (हैंडीकेप ) शासन की योजनाओं से क्यों वंचित , ऑनलाइन अपडेट प्रक्रियाओं में भी क्यों हितग्राही हो रहे परेशान?

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए दिव्यांग बालक, बालिकाओं द्वारा राज्य शासन की योजनाओं से शिक्षा रत उन छात्रों को किसी न किसी समस्या से गुजरना ही पड़ता है। जिससे ( हैंडीकेप )दिव्यांग इन योजनाओं का न तो लाभ उठा पाते हैं न ही समय रहते उन्हें उनका अधिकार मिल पाता है।
ताजा मामला विगत दिनों जबलपुर जिले में देखने को मिला हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाई का बगीचा स्थित समय यान दिव्यांग पूर्ण नवीन गठित कार्यालय में कुमारी अंजली लोधी पटेल पिता प्रीतम लाल लोधी निवासी ग्राम मलहा पिपरिया जिला नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की स्थाई निवासी हैं। अतः बालिक शिक्षा हेतु जबलपुर में रेगुलर अध्ययन कर बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई पूर्ण कर तृतीय वर्ष में अध्ययन कर रहीं हैं। अंजली लोधी पिछड़ा वर्ग अंतर्गत स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की थीं। लेकिन आवेदक कर्ता को कार्यालय में कह दिया जाता हैं कि अब तो सत्र 2025/2026 का कार्यकाल समाप्त हो गया हैं। अब अगले कार्यकाल में हो पाएगा। ये बालिक शासन की योजनाओं से क्यों वंचित , ऑनलाइन अपडेट प्रक्रियाओं में भी क्यों हितग्राही परेशान? मध्यप्रदेश शासन प्रशासन के द्वारा ऑनलाइन प्रकिया का कार्य तेजी से किया जा रहा हैं। उसके बाद भी विभाग में बैठे हुए जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी इन दिव्यांगों की परेशानी का निदान करने की बजाए उन्हें गुमराह और उन्हें योजनाओं से वंचित रख कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
पीड़ित दिव्यांग ने अपनी समस्या का निदान उच्च अधिकारी एवं जिला प्रशासन से मांग रखते हुए जल्द की हैं।
जबलपुर कार्यालय – मनीषा मैडम- का कहना हैं कि 2025/2026 का कार्यकाल समाप्त हो चुका हैं अगले सत्र में होगा।
अंजलि लोधी B.A-3 तृतीय वर्ष के अध्ययन की पढ़ाई लेकिन अभी तक नहीं मिल पाई छात्रा को स्कॉलरशिप का लाभ।


