”वैश्विक अभिगम्यता जागरूकता दिवस मनाया गया“

जबलपुर दर्पण । दिव्यांग प्रकोष्ठ, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकौशल महाविद्यालय, जबलपुर में वैश्विक अभिगम्यता जागरूकता दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजन, दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तथा विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए शिक्षा, तकनीक, संचार एवं सार्वजनिक सुविधाओं को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने कहा कि किसी भी विकसित और संवेदनशील समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने प्रत्येक नागरिक के लिए अवसरों को कितना सुगम बनाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी समावेशी शिक्षा पर विशेष बल देती है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी क्षमताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकौशल महाविद्यालय सदैव दिव्यांगजनों के शैक्षणिक, तकनीकी एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु प्रतिबद्ध रहा है।
कार्यक्रम में प्रो. अरुण शुक्ल, दिव्यांग प्रकोष्ठ प्रभारी ने वैश्विक अभिगम्यता जागरूकता दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन, शैक्षणिक सामग्री और सार्वजनिक सेवाएं सभी के लिए समान रूप से उपयोगी हों, यह सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अभिगम्यता केवल भौतिक पहुंच तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल, सामाजिक और भावनात्मक समावेशन का भी महत्वपूर्ण आयाम है।
वक्ताओं ने कहा कि दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सहायक तकनीकों, स्क्रीन रीडर, ब्रेल संसाधनों, विशेष कंप्यूटर प्रयोगशालाओं तथा सुगम अधोसंरचना का विकास शिक्षा में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। महाविद्यालय द्वारा पूर्व से ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो समावेशी शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि समावेशी समाज का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि संवेदनशील व्यवहार, सकारात्मक दृष्टिकोण और सामूहिक सहभागिता से संभव है। कार्यक्रम में राजीव गिरि एवं खेम चरन के साथ महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।



