मुझे काम करने दो नहीं तो लगवा दूगां हरिजन एक्ट
सतना । यह बात हम नहीं कह रहे हैं ये बोल घोरकाट ग्राम पंचायत सरपंच के है यह ग्राम पंचायत रामपुर विकास खंड के अन्तर्गत आती है सरपंच एवं सचिव की जुगल जोड़ी ने ग्राम पंचायत के अंदर कुछ ऐसे निर्माण कार्य किये है जिसकी इजाजत प्रदेश सरकार बिल्कुल नहीं देतीं लेकिन यहाँ पर वो सभी कार्य हुए जो शासन की निर्धारित गाइड लाइन से बिल्कुल विपरीत था यहाँ बता दे कि घोरकाट ग्राम पंचायत के अन्तर्गत ग्राम बछौरा का सामने आया है जहाँ पर सरपंच एवं सचिव ने पूरी हदें पार कर दी इस बात को लेकर ग्राम पंचायत की जनता ने जब आवाज उठाने लगी तो उसे सरपंच ने हरिजन एक्ट में फसा देने की धमकी दे डाली यह मामला तब सामने आया जब बछौरा गाँव में विद्यालय की बाउंड्री बाल में बालू की जगह लगभग डेढ़ सौ मीटर डस्ट से दीवाल खडी़ कर दी यह निर्माण कार्य न तो ध्रष्टराष्ट् रुपी उपयंत्री को दिखी और न ही विकास खंड अंतर्गत एसडीओ से लेकर अन्य अधिकारियों को जब कि जिला पंचायत से लेकर विकास खंड अंतर्गत दौरा करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की फौज बैठी हुई है पर ये लक्ष्मी रुपी मुजरा में कुछ ऐसे मस्त हो गये हैं कि इन्हें निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायत का सरपंच एवं सचिव द्वारा कराये गये निर्माण कार्य नजर नहीं आ रहें हैं वहीं जब इस बात की जानकारी रीवा में बैठे उपयंत्री श्री पटेल को दी गई कि निर्माण एजेन्सी द्वारा सीधे तौर पर डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है तो पहले उन्होंने जानकारी न होने की बात कही जव देखा कि हमारी गर्दन फंसने की कगार पर पहुँच रही है तो उसने फटाफट एसडीओ को चिट्ठी लिख कर निर्माण कार्य में गड़बड़ी होने की पुष्टि कर दी यहाँ पर बता दे
कि उपयंत्री द्वारा रिपोर्ट देने के बावजूद भी विभागीय एसडीओ किसी भी प्रकार का ऐक्शन नहीं लिया वही निर्माण एजेन्सी अपने द्वारा कराये गये निर्माण कार्य को छिपाने के लिए छपाई का कार्य करने में लग गया है इन तमाम बातों से ऐसा प्रतीत होता है कि शायद एसडीओ स्वयं ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को मौका देकर निर्माण कार्य की लीपापोती करने में अपना योगदान देने में लग गए हैं जबकि इन तमाम बातों की शिकायत भी ग्रामीणों द्वारा सम्बधित अधिकारियों के पास दर्ज करा दी है और शिकायत पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि ग्राम सरपंच हरिजन एक्ट लगाने की धमकी लगातार दे रहे हैं अगर ग्रामीणों की बातों को विश्वास में लिया जाये तो वही कार्य स्थल की मौके की नजाकत को देखा जाये तो ग्राम सरपंच द्वारा जिस तरह की धमकी दी जा रहीं हैं वह बिलकुल सही है क्योंकि अगर सरपंच धमकी नहीं देगा और जनता को हरिजन एक्ट की तलवार को अपना कवच नहीं बनायेगा तो जिस तरह से कार्य किया है उससे अगर विभाग के अधिकारी लक्ष्मी रुपी मोह छोड़ दे तो निर्माण एजेन्सी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम का मुकदमा लगने से नहीं रुक सकता।



