एकता सिंह परिहार ने बढ़ाया विंध्य का मान
सतना। पेप्तेक सिटी निवासी नरेश सिंह परिहार व अरुणा सिंह परिहार की सुपुत्री एकता सिंह परिहार का हाल ही में “राम राज ” नामक व्यंगातमक बघेली कविता में आधारित वीडियो यूट्ब के “मधुशाला” चैनल में रिलीज़ हुआ है। जिसका निर्देशन नीरज सेन ने किया है इस वीडियो में एकता ने मुख्य भूमिका निभाई है व दर्शकों द्वारा इनके काम को काफ़ी सराहा जा रहा है। इस वीडियो के माध्यम से कलाकारों ने कानून की न्याय व्यवस्था पर व्यंगात्मक़ तरीके से प्रश्चिह्न् खड़ा किया है । एकता पिछले छः साल से रंगकर्म के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है ,गुरु द्वारिका दहिया (एनएसडी), सविता दहिया से रंगमंच की शिक्षा लेने के बाद , एक्टिंग की बारीकियों को और सीखने, समझने के लिए मध्य प्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा भोपाल से एक साल की थिएटर ट्रेनिंग ली तथा वर्तमान में हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से थियेटर आर्ट विषय से ही मास्टर्स कर रही है। इस रंगमंच मात्रा में उन्होंने कई बड़े बड़े मंचो में सिलेब्रिटीज के सामने अपनी प्रस्तुति दी है। इन्होंने देश के कई जाने मानेडायरेक्टर्स जैसे बापी बोस, संजय उपाध्याय, सूर्य मोहन कुलश्रेष्ठ, आलोक चटर्जी, देवेन्द्र राज अंकुर, द्वारिका दहिया , अरुण पांडेय के निर्देशन में काम किया ।मुख्य किए गए नाटकों में आषाढ़ का एक दिन , भगवताज्जुकम , दुविधा, मर्चेंट ऑफ वेनिस, बरी दा डेड , विरासत , एकलव्य आदि शामिल है। कॉलेज के दिनों से ही कला क्षेत्र में रुचि होने के कारणएकता ने अपना भविष्य रंगमंच में बनाने का निर्णय लिया है। भारत संस्कृति मंत्रालय द्वारा एकता को दो साल की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है ताकि वो रंगमंच में बिना किसी बाधा के कार्य कर सके।भविष्य में वे अपनी बोली भाषा को ले कर कार्य करना चाहती है व फिल्मों में भी अपनी कला को आजमाना चाहती है । उनकी इस उपलब्धि में गुरु द्वारिका दाहिया, सविता दहिया व मित्र मंडल ने शुभकामनाएं दी है।



