नरसिंहपुर दर्पणमध्य प्रदेश

ग्राम पंचायत खमरिया में 50-75 लाख के गड़बड़झाले की जांच टीम पर ग्रामीणों ने उठाए कई सवाल

जबलपुर दर्पण जिला ब्यूरो प्रशांत कुर्मी(सोनू)।

नरसिंहपुर जिले में घोटालों की भरमार लगातार हो रही है भ्रष्टाचार में लिप्त जनपद के अधिकारियों को ही भेजा जांच के लिए, शिकायत कर्ता ग्रामीणों का आरोप है कि उनके पक्ष की एक भी बात नही सुनी, लाखो के भ्रष्टाचार की जांच महज डेढ़ घंटे में करके लौटे जांचअधिकारी
ग्रामीणों ने लगाए आरोप

करेली करेली जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरिया (रीछई) में ग्रामीणों द्वारा लगभग डेढ़-दो साल से की जा रही भ्रष्टाचार की शिकायतों में लगाए गए लगभग 75लाख रूपये के भ्रष्टाचार पर 24अगस्त को पांच सदस्यीय जांच टीम सोमवार को ग्राम में पहुंची। जहां पर शिकायतों की जांच को लेकर ही ग्राम जनों ने जांच टीम पर ही गंभीर आरोप लगा दिए गए हैं। ग्राम जनों ने उनकी शिकायत की जांच करने आई जाॅच टीम पर निश्पक्ष जांच नही किए जाने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने ग्राम के ही पूर्व सरपंच अनुराग मिश्रा हो आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ग्राम पंचायत की मौजूदा कार्यकाल में हुए लगभग 50-75 लाख रूपयों के भ्रष्टाचार में पूर्व सरपंच अनुराग मिश्रा का भी हाथ हैं। क्योंकि वर्तमान सरपंच ग्राम की एक आदिवासी महिला श्रीमति कृष्णावाई हैं जो कि ग्राम पंचायत के काम-काजों के बारें में ज्यादा जानकार नही होने का बेजा अनैतिक फायदा उठाते हुए पूर्व सरपंच ही ग्राम पंचायत के ज्यादातर सभी लेन-देन के कार्य देखते हैं या ये कहें कि ग्राम पंचायत के सभी कार्याें एवं समस्त लेन-देन के कार्यों में पूर्व सरपंच की ही चलती रही है। जिससे जितने भी भ्रष्टाचार ग्राम पंचायत में हुए हैं उनमें पूर्व सरपंच के शत-प्रतिशत शामिल होने के आरोप ग्रामजनों ने शिकायत में लगाए हैं। जबकि लिखित शिकायतों में ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि अनुराग मिश्रा द्वारा कई राशियों का आहरण अपने नाम के फर्जी बिल आदि लगाकर सीधे निकासी की गई है। याने कि ग्राम पंचायत खमरिया में जो भी फर्जीवाड़े हुए हैं उन सभी में पूर्व सरपंच अनुराग मिश्रा को ही मुख्य दोषी ग्रामजन बता रहे हैं। ग्राम जनों द्वारा की गई शिकायतों की जांच के संबंध मेें जिला पंचायत कार्यालय द्वारा जनपद पंचायत करेली से पांच सदस्यीय टीम बनाकर जांच हेतु 25 अगस्त को ग्राम पंचायत खमरिया भेजा गया था। जहां पर ग्रामीणों ने बताया कि जो जांच टीम करेली जनपद पंचायत से आई हुई थी। उनमें मनरेगा, मेंढबंधान, शौचालय, आवास योजना, सीसी सड़क, पेंशन योजना, खेलमैदान, तालाब निर्माण आदि मदों के तहत ग्राम पंचायत द्वारा किए गए जमकर भ्रष्टाचार की जांच होना थी। लेकिन जनपद के आए पांचों अधिकारियों के पास ही उक्त मदों के प्रभार हैं और इनके साथ मिलभगत करते हुए ही उक्त मदों में बिना कार्यों के किए या अपूर्ण कार्य किए ही राशियों का आहरण के अनुमति जनपद करेली द्वारा दी गई है। जिसमें जांच को उन्होने एक औपचारिकता मात्र करते हुए लगभग एक घंटे तक ग्राम पंचायत कार्यालय में बैठे और भ्रष्टाचार हेतु निर्धारित स्थानों पर पहुंचे बिना ही एवं शिकायत कर्ता ग्राम जनों की कोई भी बता सुने बिना ही जांच पूर्ण कर उक्त पांचों जांच अधिकारी अपनी कार में बैठकर चलते बने। जबकि मौका पर ग्रामजनों की उपस्थिति में कोई पंचनामा या प्रतिबेदन जांच का नही बनाया गया। जिससे ग्राम जनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। और जांच से रूष्ट होकर उच्चाधिकारयों जनप्रतिनिधियों सहित पत्रकारों को भी जानकारी दी गई।

ग्राम जनों से चर्चा की गई तो उन्होने पूर्व में की गई शिकायतों की जांच करने आये अधिकारियों द्वारा कोई जांच या पंचानामा या प्रतिवेदन आदि नही बनाने की बात की गई और जानकारी दी गई कि ग्राम में आवासों में भी भ्रष्टचार किए गए हैं जिनके पास पूर्व से मकान हैं उन्हे आवास योजना का नियम विरूद्ध अनुचित लाभ दिया गया हैं लेकिन जिनके मकान टूट गए हैं जर्जर हो गए हैं जिन्हे वास्तव में आवास की नितांत आवशयकता है। उन्हे आवास योजना से बंचित रखा गया है। और आज भी वारिस के मौंसम मकान भी टूटे मकानों में ही रह रहे हैं और भारी परेशान हो रहे हैं। और जिनके आवास बन गए हैं उनके भी किसी के पंद्रह हजार तो किसी आठ हजार रूपयों की राशियां ही नही दी गई है। इसी प्रकार से हाल ही में कोरोना काल में मजदूरों को कार्य दिए जाने के लिए चलाई गई मेंढबंधान योजना का लाभ भी ग्रामीणों को नही दिया गया है। और कई ग्रामीणों को उनके स्वयं के खर्चे पर मजदूरी से मेंढबंधान कराए जाने के कहा गया और उसकी राशि देने को कहा गया। सरपंच सचिव के कहने पर ग्रामीणों ने अपने खेतों मंे स्वयं के खर्चों पर मेंढबंधान करा लिए गए लेकिन उनकी मजदूरी की राशि उनको नही दी गई। जिससे मेंढबंधान करने गए मजदूर रोज उनसे मजदूरी का पैसा मांगते हैं। और रूपये न दे पाने पर वे भारी परेशान हो रहे हैं। इसी प्रकार से ग्राम जनों आरोप लगाए कि स्टेडियम बनाने के लिए कई लाखों की राशि आई थी लेकिन उसमें एक रूप्ये तक का कार्य नही कराया गया। इसी प्रकार एक और आरोप लगाया गया है कि कुछ खेतों को तालाब बनाने के लिए राशि जारी कराई गई थी। लेकिन उनमें कोई तालाब आदि निर्माण नही कराया गया और यह राशि भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना ग्रामीणों ने बताया है। ग्राम में कई सड़कें बनाई ही नही गई और उनकी लाखों रूप्यें की राशिया निकाल ली गई। और कईं सडकें बनाई तो गई हैं लेकिन उनमें नाली नही होने से पानी भराव एवं कीचड़ से सनी हुई हैं जिससे उनका लाभ ग्रामीणों को समुचित नही मिल पा रहा है। नवनिर्मित कई सीसी सड़कों पर कीचड़ भरे होने से ग्रामजन वहां से आवागमन ही नही कर पा रहे हैं। आदि में जमकर भ्रष्टाचार होने की जांच भी भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों द्वारा नही होने दी जा रही है। जिसे परेशान होकर शिकायत कर्ता ग्राम जनों द्वारा उच्चाधिकारियों से पुनः जांच कराऐ जाने का मन बना लिया गया है।

ग्राम पंचायत खमरिया में जो करेली जनपद पंचायत की जाँच टीम गई थी उस टीम से ग्रामीण जन असंतुष्ट थे,मैं इस मामले में जिला पंचायत की टीम से निष्पक्ष जाँच करने के लिए जिला पंचायत सी ई ओ से कहूँगा मामले में सत्य उजागर होना अतिआवश्यक है।
जालम सिंह
पटेल
विधायक नरसिंहपुर

ग्राम पंचायत खमरिया में हुए भ्रष्टाचार की जाँच के लिए जिला पंचायत से टीम पहुंचाई जायेगी
के भार्गव, जिला पंचायत सी ई ओ

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