यूरिया वितरण में अनियमितता पर होगी एफआईआर दर्ज

अन्नदाता के हक पर सबसे बड़ा डाका !
पवन कौरव गाडरवारा।
नरसिंगपुर। कलेक्टर श्री वेद प्रकाश ने पीओएस मशीन से यूरिया वितरण में अनियमितता पर 4 निजी उर्वरक विक्रेताओं के विरूद्ध एफआईआर- पुलिस प्राथमिकी/ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इस सिलसिले में उर्वरक विक्रेताओं मेसर्स कृषि विकास केन्द्र सालीचौका के श्री मुलायम चंद कठल, शर्मा कृषि सेवा केन्द्र सालीचौका के श्री प्रशांत नेमा, कृष्णा ट्रेडर्स गाडरवारा के श्री संजय शर्मा और बालाजी सेल्स गाडरवारा के श्री अक्षत बडोनिया के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।
उल्लेखनीय है कि जिले में टॉप- 20 वायर यूरिया वितरण के संबंध में जांच की गई। जांच में निजी उर्वरक विक्रेताओं के चार प्रकरणों में पीओएस मशीन से यूरिया वितरण में अनियमितता किया जाना पाया गया। जांच में पाया गया कि मुलायम चंद कठल द्वारा श्री रामस्वरूप किरार बसुरिया के नाम से 58.005 मे. टन यूरिया, श्री राजकुमार सालीचौका के नाम से 43.200 मे. टन यूरिया एवं श्री छोटेलाल कहार सालीचौका के नाम से 23.081 मे. टन यूरिया इस तरह कुल 124.286 मे. टन यूरिया का वितरण किसानवार न करते हुये पीओएस मशीन से इनके पुत्र श्री अखिलेश कठल द्वारा वितरित की गई, जो अनियमितता की श्रेणी में आता है।
इसी तरह श्री प्रशांत शर्मा द्वारा श्री राजकुमार सालीचौका के नाम से 7.200 मे. टन यूरिया एवं श्री छोटेलाल कहार सालीचौका के नाम से 18 मे. टन यूरिया इस तरह कुल 25 मे. टन यूरिया का वितरण किसानवार नहीं किया गया।
इसी तरह श्री संजय नेमा द्वारा श्री रोहित कीर नगवारा के नाम से 44.100 मे. टन यूरिया, श्री रामस्वरूप मेहरा टुइयापानी के नाम से 40.500 मे. टन यूरिया, श्री अमित कुमार नेमा एमपीईबी कॉलोनी गाडरवारा के नाम से 36 मे. टन यूरिया एवं श्री पलाश मालवीय सीरेगांव के नाम से 31.500 मे. टन यूरिया इस प्रकार कुल 152.100 मे. टन यूरिया का वितरण किसानवार नहीं किया गया।
इसी प्रकार अक्षत बडोनिया द्वारा श्री पतिराम चीलाचौन के नाम से 36 मे. टन यूरिया एवं श्री सुकेश कौरव गाडरवारा के नाम से 32.400 मे. टन यूरिया इस प्रकार कुल 68 मे. टन यूरिया का वितरण किसानवार नहीं किया गया।
इस प्रकार उक्त उर्वरक विक्रेताओं द्वारा यूरिया वितरण में शासन के निर्देशों का उल्लंघन किया गया। यूरिया का वितरण भी व्यवस्थित ढंग से किया जाना नहीं पाया गया। फलस्वरूप पीओएस मशीन से किसानवार यूरिया का स्टाक निरंक नहीं किया जाकर एक साथ बहुत अधिक मात्रा में अपने कर्मचारी, रिश्तेदारों अन्य कृषकों के नाम किया जाना पाया गया, जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में मानते हुये इन सभी चारों उर्वरक विक्रेताओं के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा कलेक्टर ने की है।
समा.क्र. 242/2673/ राहुल वासनिक
पीओएस मशीन से यूरिया वितरण में अनियमितता पर जिला विपणन अधिकारी और मार्कफेड के 4 गोदाम प्रभारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही
नरसिंहपुर, 27 अगस्त 2020. कलेक्टर श्री वेद प्रकाश ने पीओएस मशीन से यूरिया वितरण में अनियमितता पर जिला विपणन अधिकारी श्री यशवर्धन सिंह और मार्कफेड के 4 गोदाम प्रभारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में कलेक्टर ने प्रबंध संचालक मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित को कार्यवाही करने के लिए लिखा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में टॉप- 20 वायर यूरिया वितरण के संबंध में जांच की गई। जांच में 4 प्रकरण मार्कफेड से संबंधित पाये गये। मार्कफेड केन्द्र नरसिंहपुर के प्रभारी श्री मुकेश पटैल द्वारा पीओएस मशीन से किसानवार यूरिया का वितरण न करते हुए 89.100 मे. टन यूरिया स्कंध का निष्पादन अपनी पत्नी श्रीमती दीपमाला पटैल के नाम से किया गया।
इसी तरह मार्कफेड गाडरवारा के कर्मचारी श्री अमित कुमार नेमा ने पीओएस मशीन से किसानवार यूरिया का वितरण न करते हुए स्वयं अपने नाम से 36 मे. टन यूरिया स्कंध का निष्पादन किया गया, जो मार्कफेड केन्द्र गाडरवारा, मे. कृष्णा ट्रेडर्स गाडरवारा एवं तूमड़ा समिति से वितरित किया गया।
इसी तरह मार्कफेड केन्द्र सालीचौका के श्री सुरेन्द्र वर्मा/ गोदाम प्रभारी द्वारा पीओएस मशीन से यूरिया का वितरण किसानवार न करते हुए 36 मे. टन यूरिया स्कंध का निष्पादन सालीचौका केन्द्र एवं समितियों का स्वयं के नाम से किया गया, मार्कफेड केन्द्र सालीचौका और बसुरिया समिति से वितरित किया गया।
इसी तरह मार्कफेड केन्द्र करेली के कर्मचारी/ गोदाम प्रभारी श्री सुरेन्द्र मेहरा द्वारा समितियों सिहोरा, चांवरपाठा एवं सगरी की पीओएस मशीन से 32.445 मे. टन यूरिया स्कंध का निष्पादन स्वयं अपने नाम से किया गया।
उक्त गोदाम प्रभारियों/ कर्मचारियों द्वारा यूरिया वितरण में शासन के निर्देशों का उल्लंघन किया गया। जिला विपणन अधिकारी द्वारा इस संबंध में प्रभावी ढंग से निरीक्षण व निष्पादन भी नहीं किया गया। फलस्वरूप पीओएस मशीन से किसानवार यूरिया का स्कंध निरंक नहीं किया जाकर एक साथ बहुत अधिक मात्रा में स्वयं अथवा अपने रिश्तेदारों के नाम से किया जाना पाया गया। इस कृत्य को प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता की श्रेणी में मानते हुये इन सभी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा कलेक्टर ने की है।
विधानसभा में गूंजेगी यूरिया घोटाले की गूंज
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में यूरिया वितरण में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई है. केन्द्र सरकार किसानों को सस्ता यूरिया देने के लिए फर्टिलाइजर कंपनियों को 65 से 70 हजार करोड़ टन यूरिया खाद उपलब्ध कराती है. बावजूद इसके यूरिया का संकट बना रहता है . इसकी मुख्य वजह कालाबाजारी है.
जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि सहकारी समितियों ने एक-एक किसान को 20-25 हजार टन यूरिया बेच दिया. कुछ को कागजों में दिया तो कुछ मिल गया, लेकिन जरूरतमंद किसान अभी खाली हाथ है. इस कालाबाजारी की कुछ जगह जांच हो चुकी है और कुछ जगह चल रही है. हकीकत यह है कि केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाला यूरिया दिया, लेकिन वो किसानों तक नहीं पहुंचा .
कांग्रेस ने लगाए थे कालाबाजारी के आरोप
यूरिया का एक बैग बाजार में लगभग 500 रुपए में बिक रहा है. ऐसे में प्रति मीट्रिक टन पर 4840 रुपए का खेल होता है. क्योंकि एक मीट्रिक टन में 22 यूरिया के बैग आते हैं. 20 जुलाई को कांग्रेस ने यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर सरकार पर आरोप लगाए थे. इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यूरिया के अवैध भंडारण, परिवहन और बिक्री पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए थे. इसके बाद 2402 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया था .
इतने किसानों के नाम इतना यूरिया आवंटन
सूत्रों की माने तो एमएफएमएस पोर्टल पर जिन 22 किसानों के नाम सर्वाधिक यूरिया क्रय करने का जिक्र है, उसमें सालीचौका रोड की महिला दीपमाला पटेल के नाम सर्वाधिक 89.100 मीट्रिक टन यानी करीब 1900 बोरी यूरिया दर्ज हैं। ये गोदाम प्रबंधक की पत्नी बताई जा रहीं हैं। इसी तरह अमादा के रितेश प्रजापति को 69.300 मीट्रिक टन, बसुरिया के रामस्वरूप कहार 58.005 मीट्रिक टन, पाली के दिनेश द्विवेदी 51.570 मीट्रिक टन, सालीचौका राड के दीपचंद 45, नरवारा निवासी रोहित 44.100, सालीचौका रोड के राजकुमार हरिजन 43.200, टुईयापानी के रामस्वरूप मेहरा को 40.500, सालीचौका रोड निवासी नंद किशोर 37.215, छोटेलाल कहार 36.081, गाडरवारा के अमित कुमार नेमा, चारगांव खुर्द के मान खान, गाडरवारा के पतिराम, सुरेंद्र वर्मा, सालीचौका के विजय कुमार के नाम 36-36 मीट्रिक टन, झामर नरसिंहपुर के विजय पाल पटेल के नाम 33.615, गाडरवारा के सुरेंद्र कुमार मेहरा के नाम 32.445, सुकेश कौरव 32.400, कंदेली नरसिंहपुर के दिलीप कुमार मिश्रा को 31.500, गाडरवारा के मनोहर वर्मा को 31.500, नरसिंहपुर के रतन अग्रवाल के नाम 32400 व गाडरवारा के पलाश मालवीय द्वारा 31.500 मीट्रिक टन यूरिया खरीदा जाना पोर्टल पर दर्ज है ।
एमपी कॉंग्रेस ने किया ट्वीट
एमपी कांग्रेस ने विगत दिवस ट्वीट कर कहा कि – अब शिवराज का यूरिया घोटाला,—22 व्यक्तियों के नाम से 900 मीट्रिक टन यूरिया की कालाबाज़ारी… किसानों की जानी दुश्मन शिवराज सरकार ने किसानों को यूरिया के लिये तरसाया और 900 मीट्रिक टन यूरिया का घोटाला कर दिया। शिवराज जी, आख़िर कितनी भूख है..? “शवराज का बेशर्मराज”
विधानसभा में गूजेगा यूरिया घोटाला
लगातार उजागर हो रहे यूरिया घोटाले में नरसिंहपुर जिले में किसानों को यूरिया आवंटित करने के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है । 22 किसानों को 900 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित कर दिया गया है । पोर्टल पर यह जानकारी सामने आने पर हड़कंप मच गया। अब इस बात की जांच की जा रही है कि यह तकनीकी गड़बड़ी है या फिर किसानों के नाम पर यूरिया की कालाबाजारी ।
इसी के चलते गाडरवारा से कॉंग्रेस विधायक श्रीमती सुनीता पटैल ने कहा कि वह जिले व गाडरवारा के आज तक के सबसे बड़े घोटाले कहे जाने वाले यूरिया घोटाले को विधानसभा में भी उठाएगी श्री पटैल ने कहा कि किसके आदेश पर गैर किसानो का इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया का आवंटन किया गया है एव उन्होंने कहा कि वो इस सम्बंध में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी इस विषय पर चर्चा करेंगी । इस मामले में कई बारीकी से सूक्ष्म जांच होने पर कई बड़े राज उजागर होंगे ।



