भ्रमित करने वाले सरकारी आदेश के शिकार हो रहे हजारों अतिथि शिक्षक:पीडी खैरवार
मण्डला-आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित जिले के समस्त स्कूलों के लिए इस सत्र के आखिरी चरण में भी अतिथि शिक्षकों को बुलाए जाने के लिए भोपाल से आदेश का इंतजार किया जा रहा है।इस बात की जानकारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग मंडला के द्वारा 02 दिसंबर को जिले के प्राचार्यों के नाम से जारी आदेश से लगी है। जिससे वर्षों से काम के लिए लालायित बेरोजगार अतिथि शिक्षक संबंधित विद्यालयों का चक्कर काटने कोसों दूर जाकर परेशान भी हो रहे हैं। जबकि शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित जिले के मात्र सात मॉडल विद्यालयों में पिछले सत्र के पैनल अनुसार अतिथि शिक्षकों को बुलाए जाने के लिए हाल ही में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के द्वारा आदेश जारी किये गये हैं। बावजूद इसके मध्य प्रदेश सरकार की पोर्टल में आवश्यकता के अनुपात में शिक्षकों के रिक्त पद आधे से भी कम दिखाई देने के कारण अधिकांश अतिथि शिक्षक कार्य से वंचित रह जायेंगे।पोर्टल के अनुसार पिछले सत्र में कार्य पर रह चुके अतिथि शिक्षकों को भी संबंधित विद्यालयों में अतिथि शिक्षक का काम मिल पाना संभावना से परे समझ में आ रहा है।जिससे जिले के हजारों अतिथि शिक्षक सत्रांत के 2 माह के लिए भी काम पाने से वंचित रह जाएंगे। जिले के ऐसे लगभग 3400 अतिथि शिक्षकों पर वर्षों से छाई बेरोजगारी बनी की बनी रह जाएगी। जिससे चिंतित सभी अतिथि शिक्षक और भी बेचैनी से सरकार के द्वारा जल्द ही जारी होने वाले कोई आदेश का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
शासन से मांग की गई है,कि रिक्त पदों को कम शो करने वाली समस्या खत्म हो। पोर्टल संबंधित इस तरह की विसंगतियों को खत्म कर समस्त अतिथि शिक्षकों को जल्द से जल्द काम पर बुलाया जाये। नियमितीकरण की प्रक्रिया सरकार जल्द पूरी हो और लाकडाउन अवधि का मानदेय भुगतान करने की कार्यवाही की जाए,ताकि मई के महीने से बेरोजगार हुए अतिथि शिक्षकों के परिवार के भरण-पोषण पर छाये संकट का सामना कुछ हद तक किया जा सके।



