नर्मदा जल पीने आज भी मोहताज शहरवासी

तय मानकों का भी हो रहा उल्लंघन , कछुए की चाल की तरह कार्य को गति दे रही निर्माण एजेंसी
पवन कौरव गाडरवारा। इस आधुनिक दौर में डिजिटल इंडिया की तरफ अग्रसर होता दिखाई दे रहा देश जहाँ नेताओं के वादे केवल वादे ही बनकर रह जाते है सभाओं में किये गए वादों से गाडरवारा शहर की बाशिन्दे आज भी अपने को अछूता महसूस करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं । मध्यप्रदेश की राजनीति कुछ इस तरह की होती दिखाई प्रतीत होती है मानो नेता जनता के बीच पहुचकर अपनी रोटियां सेंकने लगे हों । गाडरवारा शहर वासियों के घर-घर तक नर्मदा जल लाने की योजना को लेकर नगरपालिका और काम कर रही कंपनी की मनमानी कुछ इस तरह की मानो कंपनी ओर नपा के जिम्मेदार अधिकारियों की वर्षों पुरानी दोस्ती निकल आई हो । बहरहाल हालत यह है लगभग पांच साल बाद भी लाेगाें काे नर्मदा जल योजना का लाभ नहीं मिल पाया है और नपा और निर्माण एजेंसी अभी भी नर्मदा जल कनेक्शन चालू करा पाने की स्थिति में नहीं है ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दी थी 2013 में ये सौगात , शहरवासियों का सपना आज भी पड़ा अधूरा
उल्लेखनीय है कि विगत सात वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगर के विकास के लिए जो राशि दी थी उसमें यह नर्मदा नल जल योजना भी सम्मिलित थी जो आज भी नगरवासी नर्मदा का पानी पीने का सपना सँजोये हुए हैं ।
गाडरवारा विधानसभा में बहुत हो लंबे अरसे से चल रहा नर्मदा नल जल को घर – घर पहुचाने के कार्य में नेताओं ने चाहे वो किसी भी पार्टी के हो जनता के बीच पहुचकर वादे तो किये लेकिन दोबारा उन बादों को पलटकर नही देखा गाडरवारा हमेशा से ही उपेक्षा का शिकार होता आ रहा है 13 फरवरी 2013 में गाडरवारा में जिला स्तरीय अंत्योदय मेले में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आगमन हुआ था । जिसमे मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजनांतर्गत के अंतर्गत लगभग 51 करोड़ 36 लाख के विकास कार्यों की घोषणा हुई । जिसमे लगभग 23 करोड़ की राशि केवल नर्मदा नल जल योजना के लिए ही थी ।
शहर की सड़कें खुदी लेकिन, उनमें भी कम्पनी का बचाव करती नजर आई नगरपालिका
पहले भी नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों का सफेद झूठ पकड़ा गया था ठेकेदार द्वारा जिन जगहों की खुदाई की गई थी शहर में अनेकों जगह उनका पुनः सीमेंटीकरण नही किया गया है जब इसकी जानकारी आरटीआई के माध्यम से नगर पालिका गाडरवारा से ली गई तो नगर पालिका परिषद गाडरवारा के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए पत्र में बताया कि जहां जहां खुदाई की गई है वहां सीमेंटीकरण कर दिया गया है जब उस समय अनेकों जगहों का जाकर सड़कों की वास्तविक स्थिति को जब वार्डो में जाकर देखा था तो अनेको जगह सड़कें खुदी पड़ी मिली थी ।
गौरतलब है कि उस समय भी ठेकेदार द्वारा किये गए भ्रष्टाचार में कही ना कहि आरटीआई में झूठि जानकारी देकर नगरपालिका परिषद गाडरवारा ठेकेदार पर कार्यवाही ना करके उसको बचाता नजर आया था उल्लेखनीय है कि बरसात में आपातकालीन स्थिति में पहले यदि यह हाल गाडरवारा शहर का ना होता तो शहर के लोगों को पानी भराव व अनेकों समस्या से ना झूझना पड़ता नगरपालिका गाडरवारा द्वारा या नल जल योजना ठेकेदार द्वारा यदि सड़को में बरसात पूर्व सुधार कर दिया जाता तो इस बरसात में जिस स्थिति से शहर को झूझना पड़ा था उससे कहि हद तक बचा जा सकता था । अभी भी अनेकों जगह सड़के खुदी हैं तथा नाममात्र सड़कों पर सीमेंटीकरण कर कंपनी ने अपना पल्ला झाड़ लिया था लेकिन अभी भी कंपनी के इनको अनसुलझे राज खुलने बाकी हैं ।
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