खनिज विभाग के अधिकारी सहित दो गन मैन को ग्रामीणों ने बनाया बंधक

कोतवाली पुलिस की काफी समझाइश के बाद छोड़ा।
ग्रेवल रोड में कार्यरत मजदूरों को धमकी दिए जाने से थे ग्रामीण नाराज।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत खाम्हा गांव में कल गुरुवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब खनिज विभाग के अधिकारी निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य में लगे ट्रैक्टर ,जेसीबी मशीन को देखने के लिए पहुंचे थे। बताया गया कि टिकरा टोला से धार्मिक स्थल बीहर पहुंच मार्ग पर लगभग सोलह लाख रुपए की लागत से बनने वाली ग्रेवल रोड निर्माण की स्वीकृति मिली है। निर्माणाधीन ग्रेवल रोड मैं सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, निर्माण कार्य में लगे ट्रैक्टर, जेसीबी मशीन को देखने खनिज विभाग के एक अधिकारी दो गनमैन के साथ पहुंचे थे, जो सड़क निर्माण कार्य में लगे कार्यरत मजदूरों को धौंस दिखाते हुए ,निर्माण कार्य में लगे ट्रैक्टर ,जेसीबी मशीन के ड्राइवरों को भी धमकाया गया, इसके बाद स्थानीय ग्रामीण नाराज हो गए और खनिज विभाग के अधिकारी को घेर लिया।मामले के बाद लगभग चार घंटे हंगामा होता रहा, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, बाद में कोतवाली प्रभारी सीके सिरामे भी मौके पर पहुंचे काफी समझा इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने लिखित लेकर खनिज विभाग के अधिकारी को छोड़ा गया।बताया गया कि घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची, कोतवाली प्रभारी सीके सिरामे की समझाइश के बाद स्थानीय ग्रामीण मानें तब कहीं जाकर खनिज विभाग के अधिकारी को छुड़ाया जा सका।
खनिज विभाग के अधिकारी से लिखित लेने के बाद माने ग्रामीण।
दोपहर दो बजे से शुरू हुआ हंगामा लगभग छः बजे तक चलता रहा, कोतवाली प्रभारी कि समझाइश के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने खनिज विभाग के अधिकारियों से लिखित में पत्र देने पर स्थानीय ग्रामीण मान गए तब कहीं जाकर विभागीय अधिकारि वापस जा सके। मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीण आरोप लगा रहे थे कि सरपंच व एक तथाकथित ठेकेदार द्वारा खनिज विभाग के अधिकारियों को भेजा गया ,स्थानीय ग्रामीणों ने बदले की कार्यवाही बताया है और मामले को लेकर निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है। मामले को लेकर गांव के पास काफी देर तक हंगामा होता रहा, स्थानीय ग्रामीण खनिज विभाग के अधिकारी से मामले में सफाई मांग रहे थे और कार्यवाही को लेकर अंडे रहे ,लेकिन लंबी समझा इसके बाद स्थानीय ग्रामीण मान गए ,तब कहीं जाकर खनिज विभाग के अधिकारी वापस हो सके।



