स्वयं की जरूरत से अधिक कपड़े एवं अन्य सामग्री आनंदम में छोड़ें

मण्डला। राज्य आनंद संस्थान अध्यात्म विभाग के अर्न्तगत आनंदम (दुआओं का घर) मंडला में संचालित है। आनंदम वर्ष 2016 से प्रारंभ होकर अभी तक निरंतर मंडला में संचालित हो रहा है। जहाँ से केवल मंडला जिले के नहीं अपितु सीमावर्ती जिलों के गरीब एवं जरूरतमंद लोग कपड़े एवं अन्य सामग्रियाँ लेने आते रहते हैं। जिले के सुदूर क्षेत्रों से आने वाले मजदूर रिक्शा/आटो चालक अस्पताल में आने वाले रोगियों के साथी, जेल या पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने वाले कैदियों, विधवा या परित्यकता महिलाओं फेरी लगाकर जीवन यापन करने वाले लोगों भीख मांगकर स्वयं का पेट भरने वाले दिव्यांगों के साथ-साथ उनके परिवार वालों के लिये कपडे़ या आवश्यक अन्य सामग्री भी इन लोगों को आनंदम (दुआओं का घर) मंडला से मिलती रहती है। वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों से बहुत संख्या में मजदूरों का शहर आगमन हो गया है। जिससे ग्रामीणजन आनंदम् में अपेक्षाओं के साथ आते है। साथ ही बीते कुछ दिनों से मौसम में काफी ठंडक एवं शीत लहर है।
जिलेवासियों से अपेक्षा की गई है कि वे स्वयं के घरों के अनुपयोगी कपड़े, गर्म कपड़े, अन्य सामग्रियाँ आनंदम् (दुआओं का घर) में छोडें, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचाया जा सके।



