मंत्री रामकिशोर कावरे एवं पूर्व विधायक भटेरे ने जैन मुनि पियूष सागर जी म.सा.के दर्शन कर आशीर्वाद लिया

बालाघाट। मप्र शासन के राज्यमंत्री आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन रामकिशोर नानो कावरे एवं पूर्व विधायक रमेश भटेरे जी ने आज दीक्षा समारोह के अवसर पर बालाघाट पधारें मुनि श्री जैन पीयूषसागर सुरीश्वर जी महाराज साहब,सम्यक रत्न सागर जी महाराज साहब बालाघाट गौरव समर्पित रत्न सागर जी महाराज साहब, प्रियंकरा श्रीजी श्रीजिन शिशु प्रज्ञा श्री जी एवं संघ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया भगवंतो के बालाघाट प्रवेश पर अभिनन्दन व्यक्त किया इस अवसर पर समसामयिक विषयों पर महाराज श्री का मार्गदर्शन भी प्राप्त किया गुरु भगवंत सम्यक रत्न सागर जी महाराज साहब ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जहां दवाई भी काम नहीं करती वहां दुआएं काम करती है दीन दुखियों की सेवा करना उनके प्रति संवेदना मानवता रखना मानवता की पहचान है अब वह मुख प्राणी की सेवा करना उनकी संवेदना को महसूस करना उनके प्राणों की रक्षा करना मानवता का पहला कर्तव्य उपरोक्त कर्तव्य व्यक्ति को यश कीर्ति प्रदान करते हैं व्यक्ति अपने जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है शासन का उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए फिर देखो महाराज श्री ने कहा कि हार्टअटैक बढ़ने का मुख्य कारण मनुष्य के हृदय से संवेदना ओं का आज मनुष्य में जीव मात्र के प्रति दया और सृजनशीलता समाप्त हो गई है मिट जाना है संवेदना ओं की कमी है जिसके हृदय में संवेदना नहीं होगी उसको हार्ट अटैक किया हृदयाघात की समस्या होगी दीन दुखियों को देखकर ह्रदय का द्रवित हो जाना मन में करुणा के भाव जागना यह सृजनशीलता की निशानी है व्यक्ति के बल मजबूत होने चाहिए बुद्धि बल बाहुबल और पुण्य बल इन तीनों बल में सर्वोपरि पुण्य बल है जिसका पुण्य बल मजबूत होता है उसके सभी बल अपने आप मजबूत हो जाते हैं कई दृष्टांत इन बलों की प्रभावशीलता को व्यक्त करते हैं महाराज श्री ने कहा कि जब तक आपके द्वार अतिथि याचक बिच्छू एवं स्वान आते रहेंगे आप मान ले कि आप तरक्की के रास्ते पर हैं जब यह आना बंद हो जाए तो आपकी तरक्की बंद हो जाएगीआप जन सेवा करते हैं अपने पुण्य बल को मजबूत करें चर्चा के दौरान महाराज श्री ने दिघोरी जिला सिवनी में 40 एकड़ परिसर में निर्मित होने वाले जैन तीर्थ क्षेत्र के संबंध में भी जानकारी दी कृषि क्षेत्र का 3क् एलिवेशन एवं पत्थरों से निर्मित होने वाले भवन की जानकारी भी दी एवं कहा कि कभी आप सिवनी से जबलपुर जाए तो तीर्थ क्षेत्र का भ्रमण अवश्य करें बालाघाट के संबंध में महाराष्ट्री ने कहा कि यह धर्म नगरी होने के साथ-साथ संस्कारों की नगरी भी है श्रीजी प्रियंकरा म.सा. ने भी अपना आशीर्वाद देते कहा कि धर्म के मार्ग पर प्रगति करें सदैव लोगों की सेवा सहायता करें जैन श्वेताम्बर मंदिर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्ट अजय लुनिया,विशाल संचेती,कमलेश चौरड़िया,प्रसन्न कांकरिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे



