जिले में धारा 144 के चलते रोकी गई मालवाहकों की वाहन रैली

पेट्रोलियम पदार्थ में वृद्धि से मालवाहक वाहनों का माल भाड़ा बढ़ाया जायें-विशाल
बालाघाट। पेट्रोलियम पदार्थ में वृद्धि की अपेक्षा मालवाहक वाहनों का भाड़ा काफी पुराना है, मालवाहक वाहनों के मालभाड़ा की दरो में वृद्धि सहित मजदूरों को जयहिंद टॉकीज मैदान में बैठने उपलब्ध करवाये गये मजदूर शेड में अव्यवस्था को लेकर वैनगंगा मजदूर यूनियन के बैनर तले आज वाहन रैली का आयोजन किया गया था, लेकिन जिले में कोविड-19 के नये स्ट्रेन के बढ़ते प्रभाव के प्रसार को रोकने लगाई गई धारा 144 के चलते प्रशासन ने वाहन रैली की अनुमति नहीं दी। जिससे वैनगंगा मजदूर यूनियन ने मजदूर शेड स्थल पर पहुंचे तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगो के निराकरण की मांग की और 15 दिनो में मांगो के पूर्ण नहीं होने पर पूरे जिले में मालवाहक वाहनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी। गौरतलब हो कि मालवाहक वाहनों के मालभाड़े सहित अन्य समस्याओं और जयहिंद टॉकीज में प्रशासन द्वारा मजदूरों को बैठने के लिए उपलब्ध करवाये गये शेड में अव्यवस्था को लेकर गत दिनों वैनगंगा मजदूर यूनियन की बैठक आहूत की गई थी। जिसमंे तय किया गया था कि 24 फरवरी को अपनी मांगो के समर्थन में मालवाहक वाहन मालक एवं चालक वाहन रैली निकालकर प्रशासन को समस्याओं से अवगत करायेंगे, किन्तु 23 फरवरी को कोविड-19 के रोकथाम और प्रसार को रोकने जिले में लगाई गई धारा 144 के चलते वैनगंगा मजदूर यूनियन को रैली की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी गई और मालवाहक वाहन मालिक और चालकों की समस्याओं और मजदूर शेड में अव्यवस्था में सुधार के लिए मजदूर यूनियन द्वारा दिये गये ज्ञापन को प्रशासनिक अधिकारी तहसीलदार ने मजदूर शेड में पहुंचकर लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन मालक, चालक और मजदूर उपस्थित थे। वैनगंगा मजदूर यूनियन जिलाध्यक्ष विशाल बिसेन ने कहा कि देश में लगातार पेट्रालियम पदार्थ के दामो में वृद्धि हो रही है लेकिन मालवाह वाहनों के भाड़े में विगत दो वर्षो से किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हो पाई है। जिसके कारण जिले में मालवाहक वाहनो के मालिक और चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हमारी प्रशासन से मांग है कि बढ़ते पेट्रोलियम पदार्थ की दरों को देखते हुए मालवाहक वाहनों के भाड़े में वृद्धि के लिए प्रशासन, व्यापारियों से चर्चा कर और माल भाड़े में वृद्धि करवाये, ताकि मालवाहक वाहनों के मालिक और चालकों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़े। पुलिस और यातायात विभाग अक्सर मालवाहक वाहनों के चालकों से कमर्शियल लायसेंस मांगता है लेकिन कमर्शिलय लायसेंस बनाना काफी मुश्किल काम है, इसलिए प्रशासन निःशुल्क कैंप का आयोजन कर वाहन चालकों के कमर्शिलय लायसेंस बनवाने की दिशा में सार्थक प्रयास करें। प्रति माह की एक नियत तारीख पर मजदूर शेड में बैठने वाले मजदूरों के अलावा मालवाहक चालकों, हमाली मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाये जायें। साथ ही सभी मजदूरों के आयुष्मान कार्ड बनवाने जयहिंद टॉकीज मैदान में स्थित मजदूर शेड में कैंप की व्यवस्था की जाये। अध्यक्ष बिसेन ने कहा कि प्रशासन द्वारा दिहाड़ी मजदूर, हमालों और छोटे मालवाहक वाहनों के चालकों को रूकने और बैठने के लिए मजदूर शेड बनाये है लेकिन यहां अव्यवस्था का आलम है, रात में प्रकाश नहीं होने से असामाजिक तत्व यहां शराबखोरी करते है, जब मजदूर दूसरे दिन यहां आते है तो यहां शराब की बोतले और खान की सामग्री पड़ी रहती है। चूंकि दिहाड़ी मजदूरों में महिलायें भी शामिल है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर इंतजाम किये जायें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकांश छोटे मालवाहक वाहन के मालक और चालक एक ही व्यक्ति होता है, जो बड़ी विषम परिस्थिति में स्वरोजगार की दृष्टि से उक्त वाहन को बैंक से कर्ज लेकर खरीदता है और उसी वाहन का चालक बनकर एवं आवश्यकता पड़ने पर हमाली करके अपने परिवार का जीवनयापन करता है, लेकिन वर्तमान में जिस तरह से निरंतर पेट्रोलियम पदार्थ के दाम बढ़ रहे है जिससे महंगाई का भाव आसमान छू रहा है, उस परिस्थिति में निश्चित दरो पर वाहन चालकों को माल वहन करने में दिक्कतें हो रही है। पुरानी दरो पर काम करने के कारण मालवाहक वाहन मालिक और चालकों को बैंक की किश्त और परिवार का पालन करना कठिन हो गया है। जिस पर मानवीयता दिखाते हुए मालवाहक वाहनों के भाड़े में वृद्धि की जायें। अन्यथा विषम परिस्थिति में मालवाहक वाहनों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करना पड़ेगा। जिसका असर बाजार और व्यापार के साथ ही परिवार पर भी पड़ेगा।



