प्रशासन को ठेंगा दिखा रहा फैक्ट्री मालिक


देश और प्रदेश सहित जिले में बेकाबू हुए कोरोना से जहां हर कोई सहम सा गया है, वही मौत की डरावनी सच्चाई ने सरकार और न्यायालय तक को हिला डाला है, बहते आशू और बढ़ते कोविड के मरीजों को ध्यान मे रखते हुए प्रभारी मंत्री सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिले भर मे कोरोना कर्फ्यू लगा दिया है, वही प्रशासनिक मुखिया ने सारी व्यवस्था को अपने हाथों में लेकर कोविड पर पैनी नजर बनाएं हुए हैं, यहां तक कि इन परिस्थितियों में स्वास्थ्य महकमे को जहां अलर्ट रहना था लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती जिसका खामियाजा स्वास्थ्य कर्मियों को अपने निलंबन से चुकाना पड़ा॥ इन सब के बाद भी लालपुर स्थित मांगलिक भवन के ठीक सामने निजी भवन में नेल पालिस बनाने की फैक्ट्री दिनदहाड़े संचालित हो रही है॥ पहले मकान के बाहर वाहनों का जमावाड़ा होता था लेकिन अब दरवाजे पर ताला लटकाकर बंद कमरे में फैक्ट्री को दर्जनों लोग संचालित कर रहे है॥ बताया जाता है कि संबंधित नेल पालिस फैक्ट्री के मालिक के रुतबे के कारण अभी तक कार्यवाही नही हुई है॥ वही वार्ड वासियों का कहना है कि इस तरह से बंद दरवाजे के पीछे दर्जनो मजदूर काम करते हैं जिससे बीमारी को स्वयं निमंत्रण दिया जा रहा है जिससे वार्ड के लोग भी संक्रमित हो सकते है॥ वार्ड वासियों की माने तो अगर फैक्ट्री बंद है तो हर रोज सैकड़ो गैलन पानी नही भरा जाता, यहां तक कि कई बार स्थानीय लोगों ने काम करने वाले मजदूरों की आवाजे भी सुनी है, जिससे यह स्पष्ट है कि जिला प्रशासन के नियमों को ठेंगा दिखाकर फैक्ट्री चलाई जा रही है॥



