जिला अस्पताल में उपचार के दौरान हुई थी मौत

सीधी जबलपुर दर्पण । जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक युवक की मौत होने पर परिजनों एवं शिवसेना कार्यकर्ताओं ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने जिला अस्पताल की मर्चुरी के सामने शव रखकर आज सुबह करीब 8:30 बजे से चक्काजाम शुरू कर दिया। चक्काजाम की खबर मिलते ही काफी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। तहसीलदार राकेश शुक्ला एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता रहा। फिर भी लोगों का आक्रोश नहीं रुक रहा था। बाद में अधिकारियों के जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद स्थिति शांत हुई और एक घंटे बाद चक्काजाम खत्म किया गया। मिली जानकारी के अनुसार समीपी मुठिगवां निवासी अजय साकेत उम्र 25 वर्ष को बुखार एवं शर्दी-जुखाम होने पर वह गुरुवार की रात करीब 9 बजे इलाज के लिए खुद बाईक चलाकर जिला अस्पताल पहुंचा था। मृतक के भाई दीपक साकेत ने बताया कि कल घर से खाना खाने के बाद अजय साकेत उपचार कराने के लिए बाईक से जिला अस्पताल आए थे। जिला अस्पताल में डॉक्टर अमित सिंह ने भर्ती के साथ आवश्यक दवाइयां लिखी थी। वार्ड में भर्ती होने पर नर्सों द्वारा इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद से अजय का होंठ और चेहरा सूखने लगा। तब उसे दूसरी मंजिल में ले जाकर आक्सीजन लगाया गया। मुंह में जो आक्सीजन की पाइप लगी थी वह फटी और लीकेज थी। इस तरह लापरवाही पूर्व आक्सीजन दिया गया जिससे उसकी हालत में कोई सुधार होने की बजाय गंभीर हो गई। जब इस लापरवाही की शिकायत अस्पताल प्रशासन से की गई तो कुछ नहीं किया गया। मृतक के भाई दीपक साकेत ने बताया कि अजय साकेत को दो-तीन दिन से बुखार आ रही थी। इसी वजह से वह इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आया था। जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती होने के 5 घंटे के भीतर ही उसकी जान चली गई। जिला अस्पताल के मर्चुरी के सामने शव रखकर किए गए चक्काजाम के दौरान शिवसेना कार्यकर्ता और आम नागरिक भी शामिल हुए। उनके द्वारा अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जाती रही। उधर बताया गया कि मृतक अजय साकेत शिवसेना का सक्रिय कार्यकर्ता था और दो दिन पहले ही उसकी पत्नी ने बंजारी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। इनका बड़ा बेटा दो साल का है। परिवार में दो दिन पहले ही खुशियां आई थी लेकिन अजय साकेत की दुखद मृत्यु के बाद परिजनों में गम का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के पिता, भाई, मां और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। लोग उन्हें संभालने में जुटे हुए थे।
मृतक के परिजनों को दी गई तात्कालिक सहायता
जिला अस्पताल में मुठिगवां निवासी अजय साकेत की मौत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा किए गए चक्काजाम के दौरान गोपद बनास तहसीलदार राकेश शुक्ला, कोतवाली थाना प्रभारी कन्हैया सिंह, जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्यप्रकाश त्रिपाठी समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। तहसीलदार राकेश शुक्ला द्वारा परिजनों से चर्चा के दौरान आश्वस्त किया गया कि मामले में मर्ग कायम कर पुलिस द्वारा जांच की जाएगी। वहीं विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। मृतक के परिजनों को तात्कालिक आर्थिक सहायता अंतिम संस्कार के लिए ग्राम पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई, वहीं संबल योजना से भी आर्थिक योजना प्रदान की जाएगी।
इनका कहना है।
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान युवक की मौत के मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
डॉ. बबिता खरे, सीएमएचओ सीधी।



