नही थम रहा रेत का अवैध उत्खनन

छतरपुर। एक ओर जहाँ कोरोना महामारी से लोग कराह उठे है, लगातार बढ़ रही संक्रमितों की संख्या से शासन-प्रशासन के नुमाइंदे सवास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने की ओर प्रयासरत है वहीं इस महामारी को अवसर में बदलते हुये रेत माफिया नदी मे अवैध उत्खनन करने में लगे है। विभाग के अधिकारी मौन धारण करते हुये कार्रवाई तो दूर इस ओर देख भी नही रहे। ऐसा ही मामला चंदला क्षेत्र स्थित केन नदी के हिनोता थाना क्षेत्र अंतर्गत हतोहा पुल के बगल से जहाँ खुलेआम रात दिन एलएनटी मशीनों से नदी का सीना छलनी किया जा रहा है।
वर्तमान समय में केन नदी के हतोहा घाट में भारी मशीनों के सहारे जीवनदायिनी केन नदी का सीना छलनी करते हुये यह कारोबार विगत एक माह से फलफूल रहा है। यह अवैध कारोबार बेधड़क होकर खुलेआम किया जा रहा है। ऐसा नही कि इस कारोबार की खबर जिम्मेदारों को नही है लेकिन धृतराष्ट बन सब मौन धारण किये हुये है। नदी की मुख्य धारा से सैकडों ट्रक रेत हर रोज निकाली जाती है जिसको डंफरों के माध्यम से यूपी के महोबा, खजुराहों सहित जिला मुख्यालय भेज दी जाती है। मोटी कमाई का जरिया बन चुका रेत कारोबार करने वालों को कोरोनकाल किसी वरदान से कम नही।
जलीय जन्तुओं के ऊपर मंडरा रहा खतरा,
दिन दहाड़े चंदला से लवकुशनगर की ओर जाते हैं रेत से भरे अवैध ट्रक
भारी मशीनों व लेप्टर के उपयोग से जहाँ जलीय जीव जंतुओं के ऊपर खतरा मंडराने लगा है तो वहीं नदी की धारा को भी मोड़ दिया गया है जिससे नदी का वास्तविक स्वरूप बदलने लगा है।सबसे बड़ी बात ये है कि यह अवैध खदान चंदला अजयगढ़ मार्ग को जोड़ने वाले केन नदी के पुल के नीचे संचालित हो रही है जिससे दो जिलों को आपस मे जोड़ने वाले इस पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है या ये कहा जाए कि पूर्ब मुख्य मंत्री सुश्री उमा भारती जी के प्रयासों से हमे मिला ये पुल कभी भी धरा साही हो सकता है चंदला के पूर्व विधायक केन बचाओं माफिया भगाओ नारे के साथ आंदोलन भी कर चुके है लेकिन आज तक न केन को बचाया जा सका और न माफिया राज समाप्त हुआ। कोरोना आपदा को अवसर में बदलने वालों पर कब कार्रवाई होगी इसका जवाब जिम्मेदार ही दे सकते है। प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिये है कि कोरोना आपदा काल को अवसर में बदलने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। क्या इनके निर्देश का पालन इस आपदा को अवसर समझने वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर होगा या नही यह देखना बांकी रहेगा।



