कलेक्टर से सांसद ने पूछा बताओ में आपदा प्रबंधन समूह का सदस्य हूॅं कि नहीं?
16 मई को जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति एवं इसे फैलने से रोकने के लिए चर्चा करने एवं महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक का आयोजन किया गया था। कोरोना संक्रमण की स्थिति और कोरोना कर्फ्यू जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाने को लेकर आयोजित जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में पहली बार पहुंचे सांसद बिसेन की तेवर गरम दिखे। बैठक के दौरान ही उन्होंने कलेक्टर से पूछा कि बताओ मैं आपदा प्रबंधन समूह का सदस्य हूॅं कि नहीं? सांसद के इस सवाल से जहां कलेक्टर बगले झांकने लगे, वहीं बैठक में उपस्थित राज्यमंत्री, पूर्व मंत्री एवं विधायक सहित अन्य सदस्य हतप्रभ नजर आये। हालांकि बाद में सांसद ढालसिंह बिसेन को आश्वस्त किया गया कि दोबारा ऐसा नहीं होगा। जिसके बाद सांसद थोड़ा नरम दिखाई दिये।
जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में जनप्रतिनिधियों को नहीं बुलाये जाने और जिले में प्रोटोकॉल के पालन को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल खड़े होते रहे है और आज सांसद के इस सवाल ने एक बार फिर प्रशासन के प्रोटोकॉल पालन पर सवाल खड़े कर दिये है। सांसद ने मीडिया से चर्चा करते हुए भी यह कहा कि यह बात इसलिए मैने पूछी कि अब तक उन्हें जिला प्रशासन की ओर से कभी आपदा प्रबंधन समूह में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। आज जब मुझे सुबह 9.30 बजे सूचना मिली, तब मैं 12 बजे तक पहुंच पाया हूॅं। आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में उन्हें न बुलाये जाने के कारण को लेकर किये गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह सोचना मेरा काम नहीं है और जो ऐसा कर रहा है, वह गलत है। जबकि प्रथम सदस्य होने के नाते मुझे, बैठक की जानकारी दी जानी चाहिये थी। सांसद के इस सवाल के बाद जहां प्रशासन ने मौन साध लिया है, वहीं पार्टी के नेता कुठ भी कहने से बच रहे है।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने इंतजाम करने के दिये निर्देश
सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा करते हुए सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने बताया कि वह कोरोना की दूसरी लहर में भले ही जिले में नजर नहीं आये हो किन्तु लगातार वह प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर नजर रखे हुए थे। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी किया। बालाघाट के जिला चिकित्सालय और वारासिवनी में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। जहां कोरोना लहर के लिए मेरी ओर से मेडिकल संसाधन खरीदने के लिए 15 लाख रूपये दिये गये थे। चूंकि दूसरी लहर के पहले ही सांसद निधि बंद होने से भले ही वह राशि नहीं दे पा रहे है लेकिन मन और विचार से वह जिले से जुड़े है, उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री कुलस्ते से चर्चा कर बालाघाट के लिए 100 बेड ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था जिले में करवाई जा रही है, वहीं एचसीएल से चर्चा कर उनसे ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की बात कही गई है। जिससे आगामी समय में जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होगी। इसके अलावा मॉयल को कोविड सेंटर बनाने के साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर देने कहा गया है और इस दिशा में प्रयास चल रहा है। उन्होंने बताया कि समूह की बैठक में उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि वह जल्द ही बैठक कर ऑक्सीजन की तीसरी लहर से निपटने के लिए प्लान बनाये और किस-किस संसाधन की आवश्यकता पड़ेगी, इसकी जानकारी दे। चूंकि इस तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही है, जिसे देखते हुए उनके लिए ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये गये है। सांसद बिसेन ने कहा कि उन्होंने ऐसी महामारी पहले नहीं देखी। जिसकी दूसरी लहर से कई लोगों की जानें गई।
सावधानी ही बचाव और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर रहे सुरक्षित
सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए उसकी सावधानी ही एक मात्र विकल्प है, वेक्सिन लगाये और मॉस्क, सोशल डिस्टेसिंग एवं सेनेटाईज की प्रक्रिया को भुले नहीं। चूंकि अब वायरस हवा में फैल गया है, इसलिए हमें और सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाकर भी कोरोना से बचाव किया जा सकता है। मसलन गर्म पानी पिये, फिटकरी के पानी का गरारा करें और पानी पीये, त्रिकूट काढ़ा का उपयोग करें, गिलोय या चिरायता का रस पिये और संक्रमण नजर आने पर तत्काल इसका उपचार करायें।



