मप्र वक़्फ़ बोर्ड को नहीं मिली राहत माननीय उच्च न्यायालय की डिवीज़न बेंच ने स्टे देने से किया इंकार

जबलपुर दर्पण। वक़्फ़ फरहत सराय जामा मस्जिद हरदा के अध्यक्ष याहया खान द्वारा म. प्र.उच्च न्यायालय मे याचिका दायर करते मोहम्मद अहमद खान की प्रभारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी पद पर की गई नियुक्ति एवं वक़्फ़ बोर्ड द्वारा वक़्फ़ फरहत सराय के कार्यपालक अधिकारी दिलीप खान की दिनांक 19/7/2023 को वक़्फ़ बोर्ड द्वारा की गई नियुक्ति के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायलय मे चुनौती दी गई, जिस पर माननीय उच्च न्यायलय के जस्टिस माननीय श्री विवेक अग्रवाल जी द्वारा सुनवाई करते आदेश पारित करते अवधारित किया गया की मोहम्मद अहमद खान मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पद धारण करने अक्षम (इंकॉम्पिटेंट) है तथा इनके द्वारा पारित सभी आदेश शून्यवत है, साथ ही साथ वक़्फ़ बोर्ड के कार्यपालक अधिकारी द्वारा फरहत सराय हरदा के कार्यपालक अधिकारी बनाये गये दिलीप खान की नियुक्ति को भी माननीय उच्च न्यायलय द्वारा ख़ारिज कर दिया, हाईकोर्ट द्वारा दिये गये इस झटके से व्यथित होकर म. प्र. वक़्फ़ बोर्ड, भोपाल द्वारा हाईकोर्ट की डिवीज़न बैंच मे अपील दायर की गई जिस पर दिनांक 6/10/2023 को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस माननीय श्री रवि मलिमठ जी एवं जस्टिस माननीय श्री विशाल मिश्रा जी की डिवीज़न बैंच ने शेष प्रतिवादी गण को नोटिस जारी करते मोहम्मद अहमद खान के विरुद्ध दिनांक 14/9/2023 को हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश को स्टे करने से इंकार कर दिया, हाईकोर्ट की डिवीज़न बैंच के स्टे न करने से मोहम्मद अहमद खान द्वारा जारी किये गये सभी आदेश निष्प्रभावी है।
माननीय उच्च न्यायालय के इस प्रकरण मे वक़्फ़ फरहत सराय जामा मस्जिद हरदा की ओर से अधिवक्ता तकमील नासिर एवं अधिवक्ता धर्मेन्द्र सोनी ने पैरवी की वही म. प्र. वक़्फ़ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता कपिल दुग्गल एवं म. प्र. शासन की ओर से अधिवक्ता पीयूष जैन ने पैरवी की।



