माहिष्मती राईडर 18 दिन में करेंगे 5500 किमी की यात्रा

मंडला। जिले के माहिष्मती राईडर एक बार फिर लंबे सफर के लिए शुक्रवार को निकलेंगे। राईडर गु्रप के सदस्य मंडला से लद्दाख तक के सफर में युवाओं को देश की सेवा के लिए सेना में भर्ती होने जागरूक करेंगे, साथ ही बताएंगे कि हर व्यक्ति बीमित हो, जिससे विषम परिस्थिति में उनके परिवार को परेशानी का सामना ना करना पड़े। इन उद्दश्यों के साथ माहिष्मती राईडर मंडला से लद्दाख तक 5500 किमी का सफर तय करेंगे।
जानकारी अनुसार माहिष्मती राईडर गु्रप जिले से 5500 किमी की यात्रा में कारगिल से होते हुए लद्दाख रीजन जाएंगे। जहां सियाचिन ग्लेशियर बेस कैंप पहुंचेगे। इस यात्रा में राईडर गु्रप के सदस्यों में मार्शल रूपेश इसरानी, राकेश अमपुरी, सुरभी पाठक, मनीष कछवाहा शामिल होंगे। ये राइडर स्वयं के दोपहिया वाहन से यह यात्रा तय करेंगे। जिले के राइडर दुर्गम पहाड़ी, जंगलों का सफर बहुत ही साहस पूर्ण और उत्साह के साथ करेंगे। इस यात्रा के लिए हर सदस्य में बेहद उत्साह देखा जा रहा है। 11 जून शुक्रवार को इनकी यात्रा मंडला से लद्दाख के लिए शुरू होगी।
दूसरी बार जा रहे लद्दाख :-राईडर्स गु्रप के सदस्यों ने बताया कि मंडला से लद्दाख की यात्रा का यह दूसरा मौका है जब महिष्मति राइडर्स के सदस्य लद्दाख जा रहे हैं। इससे पहले भी महिष्मति राइडर्स के सदस्य रूपेश इसरानी ने 4200 किमी की यात्रा 2014 में की थी। लंबी दूरी की यात्रा काफी साहस पूर्ण यात्रा होती है। जिसमें सभी प्रकार की व्यवस्थाएं गु्रप के सदस्यों को अपने दोपहिया वाहन में ही करनी पड़ती है।
230 पौधे के बीज किए थ्रो :-बता दे कि इससे पहले भी महिष्मति राइडर्स गु्रप ने जंगल राइड की है और स्वीप मतदान के अंतर्गत मंडला में लोगों को मतदान करने के लिए जनजागरूकता रैली भी निकाली गई। जिससे अधिक से अधिक लोग मतदान का उपयोग कर सके। वहीं राईड्र्स ग्रुप के सदस्यों बांधवगढ़ राईड के दौरान यहां के जंगलों में करीब 230 पौधे के बीज को थ्रो किया गया। जिससे ये बीज पौधे बनकर पर्यावरण को संतुलित करने में सहयोग कर सके।
छग के आदिवासियों का जाना कल्चर :-माहिष्मती राईड्र्स गु्रप द्वारा छत्तीसगढ़ जगदलपुर की राईड में यहां के आदिवासी कल्चर को जाना। यात्रा के दौरान गु्रप के सदस्य छग के ग्राम कोंडा और कांकेर ग्राम का भ्रमण किया। गु्रप के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के आदिवासियों के कल्चर में क्या अंतर है, इसकी जानकारी ली और जाना। उन्हें जाना कि छग के आदिवासी पूर्णत: जंगल, वनों पर ही निर्भर रहते है।
यात्रा के दौरान करेंगे जागरूक :-राईड्र्स गु्रप के सदस्यों की यात्रा काफी दुर्गम पहाड़ों एवं रास्तों से गुजरेगी। ये सचपास से मणिकरण साहिब होते हुए यह मनाली आएंगे। मनाली से चंडीगढ़ होते हुए दिल्ली आएंगे, इसके बाद दिल्ली से मंडला की वापसी होगी। इस पूरी यात्रा में लगभग 18 दिनों की यात्रा होगी। इसी यात्रा के बीच जन जागरूकता कैपेन भी करेंगे। जिसमें लोगों और युवाओं को अपनी देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके लिए उन्हें सेना में भर्ती होने जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें बताया जाएंगा की हर व्यक्ति को बीमा क्यों कराना चाहिए। इसके क्या फायदें है।
इस रूट में करेंगे सफर :-मंडला के माहिष्मती राईड्र्स के गु्रप का इस बार का रूट मंडला से दिल्ली उसके बाद वह होशियारपुर जाएंगे होशियारपुर से रामबन, यहां से सोनमर्ग। इसके साथ सोन मार्ग होते हुए जो जिला क्रॉस करेंगे, इसके बाद दर्रा से होते हुए इनकी यात्रा द्रास कारगिल में रुकेगी। जहां पर कारगिल वार मेमोरियल में शहीद हुए जवानों को श्रृद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इसके बाद इनकी यात्रा लेह पहुंचेगी। लेह से अगले पड़ाव के लिए निकलेंगे। गु्रप के सदस्य अगले पड़ाव जहां पैंगांग पहुंचेगे। जहां 3 इडियट फिल्म की शूटिंग हुई थी। इसके बाद गु्रप के सदस्यों की यात्रा न्यू ब्रा होंडा बैली पहुंचेगी। यहां से सियाचिन बेस कैंप होते हुए उनकी यात्रा रोहतांग दर्रा सचपास के लिए जाएंगी।



