तालाब सौंदर्यीकरण की छटा पर ग्रहण लगा रहा रामसजीवन

ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वराज अवधारणा को जिला पंचायत से लेकर जनपद के नुमाइंदे हवा में उड़ाते नजर आ रहे हैं जनपद सोहागपुर में जनपद मुख्यकार्यपालन अधिकारी को कुर्सी छोड़ने का समय नही तो एसडीओ को जांच में क्रिया-प्रतिक्रिया व्यक्त करने का समय नही कुल मिलाकर सबके सब एक रंग में रँगे इनकी इस आलस्यता और परसेंटेज के खेल के चलते पंचायत में निचले स्तर के सचिव,सरपंच और पंचायत के अघोषित ठेकेदार भ्रष्टाचार का ताण्डव मचा रखे हैं।
शहडोल। जनपद सोहागपुर अन्तर्गत ग्राम पंचायत करकटी में अधिकांश कार्यो को नियमो की अनदेखी करके कराया जा रहा है कोविडकाल में मनरेगा मजदूरों के लिए वरदान साबित हुआ तो इस मनरेगा के कार्यो में मजदूरों का हक मारकर मशीनी उपकरणों का प्रयोग जारी है आश्चर्य यह नही की मशीनी उपकरणों से गुरेज है बल्कि इस मशीनी उपकरणों के कारण दर्जनो की तादाद में फर्जी मस्टररोल भरे जाते हैं जो निश्चित रूप से कई मजदूरों के पेट मे लात मारने से कम नही
मंदिर में तालाब,तालाब की छटा से खिलवाड़-ग्राम करकटी में कुछ दिनों पहले घुग्घा देवी मंदिर के तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य स्वीकृत हुआ है जिसकी लागत 8 लाख रु के आसपास है कार्य को प्रारम्भ से ही मशीन और ट्रैक्टर लगाकर मिट्टी निकालने की कवायद शुरू की गई इस विषय पर जब कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताया तो कार्य को कुछ समय के लिए बन्द कर दिया गया यह कोई अनोखा और पहला मरतबा नही है जब यहाँ यह धाँधली हुआ है दर्जनो ऐसे कार्य है जहाँ फर्जीवाड़े की विसात तैयार की गई है।
पूर्व में बने श्मशान घाट ग्रेवल मार्ग में भी यही हाल-मुख्यतः ग्रेवल मार्ग नियमानुसार किसी शासकीय संस्थान से शुरू होकर शासकीय पहुंच मार्ग तक होता है किंतु विगत दिनों पुराने श्मशान घाट में बिना औचित्य के ग्रेवल मार्ग तैयार किया गया यही नही उस मार्ग में मुरुम की जगह मिट्टी का भराव हुआ है और उसकी पहुंच मार्ग किसी भी ऐसे सार्वजनिक स्थानों से वंचित हैं इस मार्ग में मशीनों का प्रयोग कर फर्जी मस्टर तैयार किये गए।
सचिव की चाभी रामसजीवन-पूरे ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा के पर्याय बने सचिव करकटी को लोग रामसजीवन का ताला कहते हैं या फिर यूँ कहें कि सचिव रूपी ताले का चाभी रामसजीवन है तो इसमें कोई संशय नही होगा पूरे पंचायत में गंदगी परोसने वाले इस रामसजीवन को न सिर्फ सचिव बल्कि सरपंच,इंजीनियर और एसडीओ जैसे लोगों का अभयदान प्राप्त है यही कारण है कि अंधाधुंध की राज में गदहा पंजीरी खाए।
हाँ उसमे कुछ प्रावधान है मैं बात करके बताता हूँ टीएस देखकर ही बता पाऊँगा।
एसडीओ सोहागपुर जनपद अशोक मरावी)



