भाजपा नेता के इशारे में चल रहा ग्रेवल सड़क निर्माण

पंचायतों में सड़क निर्माण कार्य व उनमें होने वाले धाँधली की चर्चा प्रायः अखबारों और डिजिटल प्लेटफार्मो में पढ़ने सुनने को मिलते रहते हैं बात अगर ग्रेवल मार्ग की हो और उसमे लीपापोती न हो यह विरले ही देखने को मिलता है समूचे जिला जनपद के ऐसे एक ग्राम पंचायत न होंगे जहां ग्रेवल मार्गों को मशीनरी रूप देकर फर्जी मस्टर न भरे गए हों पर आधा तीतर आधा बटेर का खेल तो चलता ही है तभी तो परसेंटेज का ग्राफ फुल होगा यह हाल तो जनपद क्षेत्रो की है पर जनपद से ऊपर आरईएस का मामला हो और उसमे कमीशन की कालिख न हो यह कहाँ सम्भव है बुढार जनपद क्षेत्र में अरसों से पदस्थ कमीशन का खेल खेलने वाले एसडीओ हर काम मे लीपापोती में आगे हैं हाल यह रहा है कि इनकी चर्चाएं जांच और कार्यवाही तक पहुंचा पर इनकी साख को कोई मात नही दे पाया और चहेते ठेकेदारों को कमीशन लेकर निर्माण कार्य मे गफलत फरमाते रहे हैं।
यह चल रहा आदर्श ग्राम में-बुढार जनपद क्षेत्र के आदर्श ग्राम पंचायतों में सुमार जमगांव ग्राम पंचायत में लगभग 50 लाख के आसपास का ग्रेवल मार्ग तैयार किया जा रहा है जो स्वास्थ्य केंद्र से ठोड़ी टोला तक निर्माणाधीन है और इस मार्ग की कुल लम्बाई लगभग 2700 मी के आसपास है मार्ग में मशीनरी उपकरणों के प्रयोग के सांथ ही उस पर पास के गड्ढों से जेसीबी लगाकर मिट्टी और मुरुम भरे जा रहे हैं।जानकारों की मानें तो कोई भी ग्रेवल मार्ग रेसियो में विभाजित रहता है जिसमे कुछ भाग मशीनरी तो कुछ मजदूरी किन्तु जब पूरे मार्ग में मशीनरी उपकरणों का ही प्रयोग हो जाए तो फिर मजदूरी भुगतान कैसे होगा यह भी एक सोचनीय पहलू है।
क्या कहते हैं ग्रेवल मार्ग के कायदे-ग्रेवल मार्ग बनाने की कड़ी में तीन से चार भागों में एक परिपक्व सड़क का निर्माण होता है जिसमे सफाई किये बिना ही मिट्टी का भराव किया जा रहा है यही नही मिट्टी के इस भराव में मिट्टी सही माप पे नही डाला गया मिट्टी की परत निर्धारण भी होता है और सांथ ही उसे समतलीकरण करके भी जीएसवी,मुरुम की परत चढ़ाई जाती है सांथ ही हर बार इन तीनो परतों का कम्पेक्सन किया जाता है इन सभी नियमो से परे इस आधे करोड़ के ग्रेवल मार्ग में जिम्मेदारों ने अपनी-अपनी जिम्मेवारी तय कर ली है।
कहीं नेता का दबाव तो नहीं-केंद्र से लेकर राज्य तक भाजपा सरकार की साख है और उस साख में हजारों मण्डल,कमंडल नेता हैं जो इन भ्रष्टाचार को अपने खादी का परिचायक बनाए हुए हैं इस ग्रेवल मार्ग को जिला स्तर के भाजपा नेता का नाम देकर दम भरा जा रहा है और ग्रेवल मार्ग को औने-पौने कर निर्मित किया जा रहा है जो कई मापदण्डों को धता बताते नजर आ रहे हैं ।
इनका कहना है…..
( मैं फील्ड में ही हूँ आप मुझे कोई क्लिप भेजिये मैं देखता हूँ क्या मामला है, वैसे ग्रेवल सड़क का रेसियो अलग-अलग होता है।
आरईएस ईई,राकेश द्विवेदी



