साहित्य दर्पण
खिलौना
दिल से दिल का रिश्ता ख़त्म कर दिया।
एक दिलबर ने मुझे खुद से दूर कर दिया।
हमारा रिश्ता था तब से तू मेरा खुद था
फिर क्यू शहर में हमें बदनाम कर दिया।
क्या करे इसमे गलतियाँ सब मेरी है
मेने नज़दीक आने का तूझे मौका दिया।
अपना समझ कर तुझे नजरों के करीब
रखा तूने मिलो दूर तक हमें छोड़ दिया।
अपना मतलब पूरा होते ही तुमने मेरा
दिल खिलौना समझ कर तोड़ दिया।
नीक राजपूत
9898693535



