हिचकोले भरे गड्ढों से नहीं मिल रही निजात, वाहनों में आ रही खराबी

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले भर में अधिकतर सड़क मार्ग जर्जर हैं, हिचकोले भरे गड्ढों से ग्रामीणों को निजात नहीं मिल रही। बताया गया कि सड़कों पर गड्ढे हो जाने से वाहन चालक परेशान हैं, जबकि जर्जर मार्ग से आवागमन करने में वाहन खराब भी हो रहे हैं। गौरतलब है कि आए दिन वाहनों में आ रही खराबी से लोगों को आर्थिक हानि हो रही हैं, वाहन चालकों को दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है, बावजूद सड़कों की मरम्मत कार्य कराने विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नही की जा रही, जिससे सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देते नजर आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो कूंड़ा तिराहा से समनापुर तक जाने वाली सड़क मार्ग वर्षों से जर्जर है, पूरी सड़क मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं, बावजूद वर्षों से बनी समस्या का समाधान अब तक नहीं किया गया। आरोप है कि विभागीय जिम्मेदारों द्वारा अस्थाई तौर पर सड़कों के गड्ढे भरवाए जाते हैं और खानापूर्ति कर दी जाती है।
गड्ढों में सड़कें ढूंढ़ रहे हैं वाहन चालक-जनपद मुख्यालय समनापुर से मानिकपुर, बजाग व गाड़ासरई की ओर जाने वाली मार्ग के समनापुर से जाताडोंगरी तक पहुंचने वाली लगभग दो किलोमीटर मार्ग में गड्डे ही गड्डे नजर आ रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। बताया गया कि सड़कों में गड्ढों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं भी होना सामने आ रही है, बावजूद स्थाई रूप से गड्ढों को भरने के लिए कोई ठोस पहल करने विभागीय जिम्मेदारों द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही,जिससे वाहन चालक परेशान हैं। आरोप है कि सड़कों की मरम्मत कार्य के नाम पर गड्ढों में मिट्टी व पत्थरों से भरकर सड़कों की मरम्मत कार्य कर दी जाती है, जो बारिश होती ही मिट्टी घुलकर बह जाती है और गड्ढों में केवल बड़े-बड़े बोल्डर नजर आने लगते हैं। वाहन चालकों की मानें तो बरसात के मौसम में खासकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सड़क के गड्ढों में पानी भरा होता है, जिससे वाहन चालकों को यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क में गड्ढा कितना होगा। यही कारण है कि सड़क मार्ग में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होना सामने आ रही है, वाहन चालक गिरकर घायल भी हो रहे हैं, बावजूद सड़क मार्ग का स्थाई पक्की मरम्मत कार्य कराने विभागीय अमला द्वारा कोई ठोस पहल नहीं कर रहा, जिससे लंबे समय से समस्या बनी हुई है। बताया गया कि शासन प्रशासन द्वारा सड़क बनाने व सड़कों की मरम्मत कार्य कराने लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, बावजूद जिले की अधिकतर सड़कें जर्जर ही नजर आ रही है।



