नागपुर से तुमसर-तिरोड़ी-कटंगी-बालाघाट-गोंदिया ट्रेक में किया गया एमओएस

बालाघाट। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अभियांत्रिकी विभाग द्वारा टेªक मॉनिटरिंग के लिए नागपुर-तुमसर-तिरोड़ी-कटंगी-बाला
7 अक्टूबर से प्रारंभ नागपुर से तुमसर-तिरोड़ी-कटंगी-बालाघाट और गोंदिया के बीच ओएमएस के अलावा आगामी 12 अक्टूबर तक पूरा कार्यक्रम निर्धारित है, जिसके तहत रेलवे अभियांत्रिकी टीम को अलग-अलग तिथि में ओएमएस करना है, जिसमें नैनपुर से मंडलाफोर्ट के साथ ही अन्य ट्रेक भी शामिल है। चूंकि नैनपुर से मंडला और कटंगी से तिरोड़ी नये ट्रेक है, जिसमें सीआरएस के बाद सेक्शन में स्पीड और ट्रेक रिकॉडिंग की जांच को नई रेल परिचालन से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेलसुविधा की दृष्टि से भी गोंदिया से जबलपुर, गोंदिया से बालाघाट-वारासिवनी-कटंगी-तिरोड़ी होते हुए तुमसर-नागपुर तक ट्रेन चलाये जाने की मांग जिले की जनता कर रही है, चूंकि यह रेलमार्ग पूर्ण हो चुका है और इसका सीआरएस भी हो चुका है, जिसके बाद ट्रेन के नहीं चलने से जिले की जनता में खासी नाराजगी है क्योंकि बढ़ते डीजल के दामों के कारण बसो में यात्री किराये बढ़ाये जाने से लोगों को आवागमन में काफी आर्थिक भार उठाना पड़ रहा है, ऐसे में गोंदिया से जबलपुर और गोंदिया से व्हाया बालाघाट-वारासिवनी-कटंगी-तिरोड़ी
इस ट्रेक पर ट्रेन दौड़ने का इंतजार जिलेवासियो को काफी लंबे समय से है, हालांकि अब सांसद पर जवाबदारी है कि वह रेलवे बोर्ड के माध्यम से किस तरह से रेल मंत्रालय को प्रस्ताव भिजवाकर रेल मंत्रालय पर दबाव बनाकर जिले के लोगों को रेलसुविधा दिलाते है ताकि जिले की जनता का बालाघाट से कटंगी-तिरोड़ी होते हुए नागपुर और बालाघाट से जबलपुर जाने का बहुप्रतिक्षित सपना पूरा हो सके।
7 अक्टूबर को नागपुर से तुमसर-तिरोड़ी-कटंगी होते हुए बालाघाट के बीच ओएमएस के बाद पूवे रेलवे सलाहकार शैलेन्द्र सेठी ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस ट्रेक पर रेल का परिचालन प्रारंभ होने के आसार है, उन्होंने कहा कि जिले के लोगों की जीवनदायिनी ब्राडगेज परियोजना पूरी हो गई है, ऐसे में रेल मंत्रालय उत्तर से लेकर दक्षिण तक इस मार्ग की उपयोगिता का फायदा उठाकर इस परियोजना पर रेल परिचालन प्रारंभ करें, ताकि जिले के लोगों का इस नवरात्र मंे ही ब्राडगेज से मैहर और डोंगरगढ़ स्थित मां के दर्शन करने का सौभाग्य मिले। उन्होंने कहा कि जिलेवासियों की अपेक्षा है कि जल्द से जल्द जिले को रेलसुविधा से जोड़ा जायें, ताकि जिले के लोगों को सस्ती और सुलभ परिवहन की सुविधा मिल सके।



