जबलपुर दर्पणसंपादकीय/लेख/आलेखसाहित्य दर्पण

समय प्रतिकूल है घर पर रहें सुरक्षित रहें

खट-खट,खट-खट………कौन है,क्या चाहिए। दुकान के शटर के अंदर से आवाज आती है। परिचय बताने के बाद, शटर खुलती है और ग्राहक दुकान के अंदर हो जाता है। दुकान का दूसरा व्यक्ति या कर्मचारी दुकान के बाहर से निगरानी रखता रहता है। अन्य कोई भूला भटका ग्राहक आने पर उसे भी दुकान के अंदर कर दिया जाता है। थोड़ी देर के बाद अंदर से इसारा होता है, कर्मचारी इधर-उधर देखकर शटर खोलकर ग्राहक को बाहर कर देता है। यह क्रम दिनभर चलता रहता है। जिन लोगो की दुकान और मकान एक साथ है या जिनकी दुकान के शटर के बाजू में गली या गेट है। वे भी दिनभर विभिन्न तरीकों से व्यापार कर रहे और शासकीय लाकडाउन के नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ आपनी और पूरे परिवार की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है। बाजार सब्जी, दवाई आदि सामान लाने के या मार्निंग-ईवनिग वाँक के बहाने से घर से बाहर फालतू घूमने बाले लोग अपने और अपने परिवार को धोखा दे रहे है ना कि पुलिस और प्रशासन को। उन व्यक्ति और परिवारों से पूछो जिनके परिजन करोना से ग्रसित है और अस्पतालों में भर्ती है। चाहकर वे उनके पास नहीं जा सकते, उनकी उनकी देखभाल नही कर सकते, उनके पास नही बैठ सकते। उन्हें हमदर्दी और अपनेपन का अहसास नही जता सकते। अस्पताल के बाहर सुनसान सड़कों में भर गर्मी में बिना छाया, पानी, चाय नास्ता के दिनरात खड़ यही सोचता होगा कि, मुझे छोड़ बाकी सभी कितने भाग्यशाली है जो आपने अपने घरों में बिना किसी परेशानी के बड़े मजे से बैठे है। आराम कर रहे है, कूलर की ठंडी ठंडी हवा खा रहे है। अगर मेरे भी परिजन अस्पताल में भर्ती नही होते तो में भी घर पर ही होता। इस लिये अभी समय प्रतिकूल है। भगवान करें आपदा रूपी करोना की सोनामी जल्द खत्म हो जावेगी। अनुकूल समय आएगा, सब पहले जैसा हो जावेगा। तब किसी प्रकार का बंधन नही रहेगा। फिर आप बिना किसी रोकथाम के स्वछंद रूप खूब भ्रमण कर लैना, पर अभी नहीं। अपना और आपनों के जन-धन को सुरक्षित रखना ही हम सभी का फर्ज है। पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर, आते देखकर माक्र्स लगा लेना या गली मोहल्लो और दूसरों के घरों में छुप जाना और गाड़ी जाते ही बाहर आ जाना यह धोखा पुलिस और प्रशासन को नहीं बल्कि अपने और अपने परिवार को दे रहे हैं। आपने घर में रहें सुरक्षित रहें। शासन प्रशासन के द्वारा जो भी निर्णय लिये जाते है कुछ सोच समझकर ही लिए जाते होगें। उनका उद्देश्य गरीब जनता और आम नागरिकों को इसी तरीके से परेशान करने का नहीं होता होगा। वर्त्तमान में प्रदेश सहित सम्पूर्ण भारत की वर्तमान स्थिति बहुत खराब है। आप घोषित और अघोषित करोना संक्रमित की संख्या और मौतों के आकडों पर ध्यान मत दें, यह गलत भी हो सकते है। आपकी और आपके परिवार सहित दूसरों की सुरक्षा के लिये वेक्सीन लगवाये, घर पर रहें, माक्स लगाए और सामाजिक दूर बनाकर ही सुनिश्चित हो सकती है। जय हिंद जय भारत।जनम मरण अरु जरा–रोग से ,सदा दुखी रहता .
द्रव्य क्षेत्र अरु काल भाव ,भव -परिवर्तन सहता .
छेदन भेदन ,नरक पशुगति ,बध बंधन सहना
राग -उदय से दुःख सुरगति में ,कहाँ सुखी रहना .
भोगि पुण्यकाल हो इकइंद्री ,क्या इसमें लाली
कुतवाली दिनचार वही फिर ,खुरपा अरु जाली
मानुष -जन्म अनेक विपतिमय ,कहीं न सुख देखा
पंचम गति सुख मिले ,शुभाशुभको मेटो लेखा .

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